रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देशानुसार जनपद में संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम को लेकर विभिन्न स्थानों पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम नगर पालिका कार्यालय, गुरुपर्व पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में सिख गुरुओं के साथ तथा जगमोहनेश्वर मंदिर परिसर में संपन्न हुए।
नगर पालिका कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुप्रथा के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा यह भी बताया गया कि बाल विवाह की सूचना संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर देना प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। इस अवसर पर शपथ ग्रहण, पंपलेट वितरण, जागरूकता संदेश और संवाद के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास हो रहे बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान आमजन को विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों 181, 1090, 1098, 112 एवं 1076 की जानकारी दी गई और बताया गया कि बाल विवाह की जानकारी तत्काल इन नंबरों पर दी जा सकती है। साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
इस जन जागरूकता कार्यक्रम में सदस्य बाल कल्याण समिति मिलिंद द्विवेदी, हब से जिला मिशन कोऑर्डिनेटर शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने बाल विवाह के विरुद्ध सजग रहने और सुरक्षित व सशक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया।


















