रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में रही कमियों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी एक आपूर्ति आधारित रोजगार मॉडल है, जिसमें ग्राम पंचायतों द्वारा पूर्व-अनुमोदित योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और इसके लिए स्पष्ट बजट प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस नई योजना के तहत अब प्रति ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि मनरेगा में यह सीमा 100 दिन की थी। कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए बुवाई और कटाई के चरम मौसम में 60 दिनों तक कार्य स्थगित रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेतों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि योजना की निगरानी के लिए केंद्रीय एवं राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा। श्रमिकों के भुगतान को लेकर स्पष्ट प्रावधान करते हुए उन्होंने कहा कि अब मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा।
साथ ही, यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गांवों में स्थायी संपत्तियों का निर्माण हो सके।
प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि जब गांव विकसित होंगे तभी जनपद, प्रदेश और देश विकसित होंगे। इसलिए ग्रामीण विकास इस योजना का मूल आधार है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, सलोन विधायक अशोक कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, अपना दल जिलाध्यक्ष कुंवर सतेंद्र पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


















