रायबरेली। भारांक नीति के कारण वर्षों से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से वंचित बेसिक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में कालपी विधानसभा से विधायक विनोद चतुर्वेदी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण वरिष्ठता के आधार पर किया जाए, ताकि लंबे समय से एक ही जनपद में कार्यरत शिक्षक अपने गृह जनपद में स्थानांतरित हो सकें।
विधायक विनोद चतुर्वेदी ने शिक्षकों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि ज्ञापन को योगी आदित्यनाथ तक प्रेषित किया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु हर संभव प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ शिक्षक हो रहे हैं वंचित
शिक्षक नेता अनुराग द्विवेदी ने बताया कि रायबरेली जनपद में कई शिक्षक पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की नीतियां तो आईं, लेकिन भारांक प्रणाली के कारण सेवा में वरिष्ठ शिक्षक स्थानांतरण से वंचित रह जाते हैं, जबकि कनिष्ठ शिक्षक इसका लाभ लेकर अपने गृह जनपद चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग है कि बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के नियम-22 के अनुसार वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रतिवर्ष कराया जाए, जिससे वरिष्ठ शिक्षक भी अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों की भी समस्या
अनुराग द्विवेदी ने यह भी कहा कि आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षक वर्ष 2017 से ही अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं, जिसका स्थायी समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर शिक्षकों ने विधायक प्रतिनिधि आशीष चतुर्वेदी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में नितिन सोनी, राहुल द्विवेदी, पुरुषोत्तम सोनी, अभिषेक गुप्ता, मोहित, वैभव द्विवेदी, विकास दुबे, राहुल यादव, कुलदीप सिंह, आशीष तिवारी, संजीव सोनी, विवेक, आशुतोष यादव, सनप्रीत सिंह, गरिमा सिंह, मानवेन्द्र सिंह, अनिल सेंगर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


















