आर स्टीफ़न (स्टेट हेड)
चिरमिरी (एमसीबी), छत्तीसगढ़। डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में 77वाँ गणतंत्र दिवस सोमवार को हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य एस.के. पांडे द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ।
इसके पश्चात विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का गायन कर देश के प्रति निष्ठा और श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर प्राचार्य एस.के. पांडे ने विद्यालय परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उन्हें सौंपे गए प्रत्येक कार्य को पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करें, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान दे सकें।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में एक विशाल शैक्षणिक एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि मनीष कुमार सिंह (सब एरिया मैनेजर, ओपन कास्ट माइंस, एसईसीएल चिरमिरी) रहे। उन्होंने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलन कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनी में कुल 381 विद्यार्थियों ने भाग लिया और 161 प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी में विज्ञान, गणित, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, भाषा, इतिहास और आधुनिक तकनीक से जुड़े विविध विषयों पर आधारित मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, वॉइस कंट्रोल रोबोट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वर्किंग हार्ट मॉडल, सोलर सिस्टम, डिजास्टर मैनेजमेंट, भारतीय संविधान के मूल अधिकार व कर्तव्य, 1857 का विद्रोह, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण, गणितीय मॉडल, भाषा एवं व्याकरण से जुड़े शैक्षणिक प्रोजेक्ट शामिल रहे।
AI लैब में विद्यार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से 3D प्रिंटिंग तकनीक तथा कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाने हेतु AI आधारित पॉडकास्ट तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे आगंतुकों ने विशेष रुचि के साथ देखा।
मुख्य अतिथि मनीष कुमार सिंह ने सभी प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों एवं अन्य आगंतुकों ने भी विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


















