शकील अहमद
लखनऊ, सरोजनीनगर। ग्रीनफील्ड लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव के बाद आज़ाद विहार कॉलोनी के लगभग 250 से अधिक मकानों को संभावित ध्वस्तीकरण से राहत मिली है। इस निर्णय के बाद कॉलोनीवासियों ने सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार लगभग ₹5,000 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 51 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना है। प्रारंभिक प्रस्ताव में यह मार्ग आज़ाद विहार कॉलोनी से होकर गुजरने वाला था, जिससे सैकड़ों परिवारों के घर प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।
स्थानीय निवासियों ने इस विषय को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन स्तर तक पहुंचाया। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा। शासन स्तर पर समीक्षा के बाद एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग में संशोधन का निर्णय लिया गया, जिससे कॉलोनी के मकान सुरक्षित रह सकें।
बुधवार को कानपुर रोड स्थित रॉयल गेस्ट हाउस में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और मार्ग संशोधन के निर्णय को जनहित में बताया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सरोजनीनगर क्षेत्र के विकास के साथ नागरिकों की सुरक्षा और हितों का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच संपर्क सुदृढ़ होगा और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
जनसंवाद के दौरान बंथरा टाउन एरिया में ₹43 करोड़ के विकास कार्यों, लखनऊ–कानपुर रोड परियोजना, डिफेंस कॉरिडोर, एआई सिटी परियोजना और अन्य प्रस्तावित योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


















