सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ND NEWS पोर्टल
नसीराबाद, रायबरेली। छतोह के ग्राम पंचायत मियां गफूर गांव में एक सरकारी नाली पर अतिक्रमण का मामला चर्चा का विषय बना रहा और सरकारी जिम्मेदारों के सामने बिना कार्यवाही के नाली का निर्माण अधूरा रह गया जबकि शिकायत पर संयुक्त जांच टीम में पुलिस, राजस्व विभाग और विकास विभाग तीनों मिलकर जांच पड़ताल आख्या रिपोर्ट में सरकारी नाली पर अतिक्रमण होना पाया।
एक बार फिर यह मामला अधर में लटक गया। इस पूरे मामले में विकास विभाग का दो तरफा खेल चर्चा में रहा जब सिस्टम के खेल जैसी बात करने लगा कि अतिक्रमण हटाना पुलिस और राजस्व का काम है। यही नहीं यह मामला महीनो टलता चला गया, आखिरकार कब्जाधारी का मनोबल इतना बढ़ा कि उसी दरमियान सरकारी नाली पर गेट भी लगाकर अतिक्रमण करते हुए नाली अपने कब्जे में ले लिया।
विभागों की लापरवाही से फिर से रोड पर बहता दिखा गंदा पानी
इस पूरे मामले में आज स्थिति यह बन गई कि नाली से बहने वाला गंदा पानी आज भी खडंजे पर बहता देखा गया जिससे आने-जाने वाले राहगीर, ग्रामवासी, स्कूल जाने वाले छात्र छात्राएं के लिए दिक्कतों से कम नहीं है जिसमें गिरकर सभी चोटिल होते हैं। इधर घरों से बहने वाला गंदा पानी भरे रहने से लोग बीमारी का भी शिकार हो रहे हैं, ऐसी स्थिति में लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है।
ग्रामीणों ने की थी शिकायत, निस्तारण अधर में लटका
इस पूरे मामले में ग्राम मियां के पुरवा निवासी अशोक कुमार, राम केवल, त्रिभुवन मौर्य, कमलेश मौर्य, कुंदेश बाबा, अरविंद, सत्यनारायन मौर्य, काशी प्रसाद मौर्य, आदि लोगों द्वारा सामूहिक शिकायत सहित गांव के सरजू प्रसाद मौर्य ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि पुरानी नाली पर अतिक्रमण कर टटिया आदि से कब्जा कर लिया है। जिससे नवीन नाली का निर्माण पूरा नहीं हो रहा है।
ज्ञात हो कि गांव में करीब 200 मीटर से ज्यादा पक्की नाली का निर्माण कराया गया यह नाली 28 मार्च 2024 को शुरूआत की गई और लाखों रुपए सरकारी बजट खर्च में बनाई गई लेकिन खेद की बात कि गांव के दबंग सरजू प्रसाद मौर्य की रवैया से सरकारी नाली का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका जिससे गांव वासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव वासियों की माने तो पूरी नाली निर्माण कराने के लिए तत्कालीन रहे थानाध्यक्ष कमलेश कुमार राजभर और ब्लॉक कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची ग्रामीणों की मौजूदगी में वर्तमान प्रधान ने नाली बनवाने के लिए आश्वासन दिया लेकिन बाद में किनारा काट लिया। प्रधान ने ऐसा क्यों किया यह जांच का विषय है।
जबकि पूर्व प्रधान रामदीन सरोज एवं अन्य लोग बताते हैं कि बीच गांव से होते हुए पुरानी नाली का निर्माण पूर्व से पक्की सड़क तक कराया गया था और उसी पर वर्ष 2025 में नयी नाली का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन अधूरी रह गई क्योंकि गांव के सरजू प्रसाद मौर्य ने अवैध कब्जा कर लिया है।
तो क्या कहती है जांच रिपोर्ट…
नसीराबाद रायबरेली। सामूहिक शिकायत एवं मुख्यमंत्री पोर्टल पर आख्या रिपोर्ट मे विकास विभाग किनारा खींचते हुए बताया कि नाली लगभग 20 वर्ष पूर्व बनी थी जिस पर कार्य लगाया गया और नाली बनाई गई लगभग 20 से 25 मीटर नाली जो तालाब के पटरी के दूसरी दिशा से है उस पर सरजू प्रसाद मौर्य द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता द्वारा यह आपत्ति की जा रही है कि जब तक नाली आगे नहीं बनाई जाएगी तब तक हम भी अपने दरवाजे से नाली नहीं बनने देंगें। इस प्रकरण को कई बार सुलझाने का प्रयास किया गया लेकिन नहीं सुलझ पाया। पुलिस प्रशासन को बुलाकर नाली खुलवाने का प्रयास भी किया गया लेकिन अभी तक अतिक्रमण नहीं हट पाया, प्रकरण पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग से संबंधित है।
क्या कहते है छतोह खंड विकास अधिकारी
नसीराबाद रायबरेली। इस मामले में जब ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी एसबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा मामला मेरी जानकारी में नहीं है, अगर ऐसा है तो पता करते हैं, जिसके बाद मामले में बताया गया कि रिपोर्ट लग चुकी है, रिपोर्ट में अतिक्रमण दिखाया गया है।
इस मामले में भी बड़ी बात यह सामने आई कि शिकायतकर्ताओं के दरवाजे तक नाली बन चुकी है, शिकायत कर्ताओं के बजाय विपक्षी द्वारा कब्जा कर अतिक्रमण करने से आगे की नाली निर्माण में रूकावट हुई इसी वजह से शिकायत कर्ताओं के दरवाजे गंदा पानी भरा रहता है।
मामले में कई बार शिकायत की गई है, जांच टीम भी मौके पर पहुंची है, अगर ऐसी बात है तो फिर से जांच करवाकर आंख्या रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


















