आर स्टीफ़न (स्टेट हेड)
चिरमिरी (एमसीबी)। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के चिरमिरी शहर में स्थित होटल अलविन में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान चिरमिरी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवांश जैन का कांग्रेसजनों द्वारा ऐतिहासिक स्वागत और अभिनंदन किया गया।
सम्मेलन में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों से जुड़े कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सम्मेलन के दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंच से शिवांश जैन की कार्यशैली पर अपने-अपने विचार रखे और उनके संगठनात्मक प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए आपसी गुटबाजी छोड़कर सभी को एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएं।
अपने संबोधन में सांसद ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रदेश में किसानों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोग मुझे 10 प्रतिशत साथ दीजिए, मैं आपको 100 प्रतिशत साथ दूंगा। जब भी कार्यकर्ताओं को जरूरत होगी, मैं उनके बीच मौजूद रहूंगा।” उन्होंने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं बेरोजगारी, रोजगार के अवसरों की कमी, रेलवे से जुड़ी समस्याएं, कोयला खदानों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने जैसे मुद्दों को उठाते हुए सांसद से इन विषयों को आगे तक पहुंचाने का आग्रह किया।
सम्मेलन में मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल, भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों, एमसीबी जिले के कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सुभाष कश्यप, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता, श्रमिक नेता नासिर खान, शंकर राव, ओमप्रकाश प्रीतम, उमाशंकर, रामजी यादव, नगर पालिका निगम चिरमिरी की नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मंच से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने शिवांश जैन की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
हालांकि सम्मेलन के दौरान एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का दृश्य भी सामने आया। जहां एक ओर मंच से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठन को मजबूत करने की बातें कही जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े कुछ प्रभावशाली पदों पर बैठे नेताओं के कारण गुटबाजी साफ तौर पर नजर आई। यह स्थिति सम्मेलन में चर्चा का विषय बनी रही।
कार्यकर्ता सम्मेलन ने जहां संगठनात्मक मजबूती और जमीनी मुद्दों को सामने रखा, वहीं कांग्रेस के भीतर एकजुटता की चुनौती को भी उजागर किया।


















