सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ND NEWS
यूपी के रायबरेली के गुरबक्सगंज चांदेमऊ निवासी विमल कुमार ने UPSC में ऑल इंडिया 107वीं रैंक हासिल करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। परिणाम घोषित होते ही गांव में खबर लगते ही विमल के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों के साथ क्षेत्रवासियों ने भी खुशी का इजहार करते हुए मिठाई बांटकर खुशी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि विमल कुमार की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत के साथ गांव में विमल के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया। माता पिता परिवार जनों के साथ ग्रामीण विमल के आगमन पर फूल मालाओं से जोरदार स्वागत करते महिलाओं ने मंगल आरती की।
आपको बता दे कि Union Public Service Commission (UPSC) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल परिणाम घोषित हुए जिसमें रायबरेली जिले के गुरूबक्सगंज थाना क्षेत्र चांदेमऊ गांव निवासी विमल कुमार घोषित परिणाम में 6 मार्च शुक्रवार को लगभग 5 बजे जानकारी मिली कि यूपीएससी में विमल कुमार ने शानदार सफलता हासिल की है जिसमें ऑल इंडिया 107वीं रैंक प्राप्त कर विमल ने रायबरेली जनपद का मान बढ़ाया। खबर हवा की तरह फैली और देखते ही देखते इस बड़ी उपलब्धि की खबर गांव और पूरे क्षेत्र में फैलते ही खुशी की लहर दौड़ गई है।
माता पिता के सपनों को विमल कुमार ने पूरा किया..
सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल परिणाम घोषित होने के बाद विमल की माने तो विमल कुमार की कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ माता पिता को सपने को पूरा किया है। विमल के पास सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य सामने था जिसे उन्होंने मेहनत और लगन से पूरा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उन्हें गर्व है कि वह रायबरेली निवासी है और गांव वालों को विमल की इस उपलब्धि पर गर्व है कि विमल चांदेमऊ रायबरेली का निवासी है।
पिता रामदेव भट्ठे पर मजदूरी करते हुए बेटे को दिलाया बड़ा मुकाम
रायबरेली के विमल कुमार ने 107वी रैंक हासिल कर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है, विमल एक ग़रीब और छोटे परिवार में निवास करते है, भट्ठे पर पिता मजदूरी करते हुए हरदम पिता ने बेटे का हौसला बढ़ाया। जिससे सेल्फ स्टडी से विमल का यह मुकाम हासिल करना बहुत बड़ी उपलब्धि है।
यूपी के रायबरेली जिले के छोटे से गांव चांदेमऊ के रहने वाले विमल कुमार ने आखिरकार उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर अपने IAS बनने के सपने को सच कर दिया।
परिवार साधारण, आर्थिक तंगी, महंगी कोचिंग नहीं सेल्फ स्टडी में सफलता
रायबरेली के विमल कुमार ने 107वी रैंक सिर्फ सेल्फ स्टडी से हासिल की, पिता रामदेव भट्ठे में मजदूरी करके घर खर्च चलाया, जिससे आर्थिक तंगी के चलते बड़े शहरों की महंगी कोचिंग भी विमल के लिए संभव नहीं हो पाई। फिर भी विमल ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
केवल सेल्फ-स्टडी, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक Union Public Service Commission (UPSC) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल परिणाम में 107वी रैंक हासिल की। बड़ी बात यह कि यह सफलता बड़ा मुकाम विमल को पाँचवें प्रयास में मिला है।
विमल की माने तो इससे पहले चार बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा, दो बार मेन्स परीक्षा तक पहुँचकर और दो बार इंटरव्यू के अंतिम पड़ाव से निराशा मिली, फिर भी विमल ने हार नहीं मानी और हार को जीत में बदल दिया।



















