रायबरेली। भारतीय पुनर्वास परिषद, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के क्रम में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सामान्य शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील और दक्ष बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जनपद के सभी विकास खंडों में कार्यरत विशेष शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया, ताकि वे आगे ब्लॉक स्तर पर सामान्य शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण का आयोजन विभाग की समेकित शिक्षा इकाई द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण सत्रों में जिला प्रशिक्षक के रूप में विशेष शिक्षक अभय प्रकाश श्रीवास्तव (विशेषज्ञ – मानसिक मंदता), विशेष शिक्षक अनूप कुमार (विशेषज्ञ- दृष्टिबाधित) एवं विशेष शिक्षक संजय गुप्ता (विशेषज्ञ – मानसिक मंदता) ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षकों द्वारा उपस्थित विशेष शिक्षकों को विशेष शिक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और व्यवहारिक पक्षों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेष शिक्षक अभय प्रकाश श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) मॉड्यूल के आधार पर समस्या व्यवहार और उसके परिमार्जन से संबंधित विभिन्न मनोवैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। वहीं विशेष शिक्षक संजय गुप्ता ने लर्निंग के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। विशेष शिक्षक अनूप कुमार ने आरसीआई मॉड्यूल के अंतर्गत अबेकस एवं ब्रेल से संबंधित नवीन जानकारियां साझा कीं।
प्रशिक्षण सत्र के अंतिम चरण में अभय प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा यह भी बताया गया कि ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को किस प्रकार प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण दिया जाना है। जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा अनूप पटेल ने सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सभी मास्टर ट्रेनरों को बधाई दी और अपेक्षा जताई कि यह प्रशिक्षण जनपद में समावेशी शिक्षा को और सशक्त बनाएगा।


















