ईट पत्थरों की तड़तड़ाहट में पहुंचे दरोगा और कांस्टेबल भी घायल, घंटों तांडव के बीच खीरों पुलिस टीम रही नदारद
निष्पक्ष दर्पण सह संपादक
रायबरेली। खीरों ब्लॉक के ग्राम सभा अतरहर में चुनावी रंजिश या फिर कुछ और ऐसे में सिर्फ दो पुलिस कर्मियों का खूनी संघर्ष में बिना टीम को लेकर बीच बचाव करना तमाम सवालों को खड़ा करता है। इस खूनी संघर्ष में बीच बचाव पर पुलिस को भी नहीं बक्सा गया और दोनों पुलिस कर्मियों का लहूलुहान होना पुलिस पर भी कई सवाल खड़ा करता है। क्या घंटों चली इस मारपीट में थाने को सूचना नहीं दी गई अगर मिली तो पुलिस टीम समय पर क्यों नहीं पहुंची।
आपको बता दे कि ब्लॉक खीरों थाना क्षेत्र के अतरहर बड़ा आबादी वाला क्षेत्र है, वहीं चंद दूरी पर चौकी लल्ला खेड़ा स्थित है। अतरहर गांव में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में पहले गाली गलौज शुरू हुई फिर बात बढ़ी तो जमकर मारपीट भी हुई। यही नहीं महिलाओं ने भी संघर्ष में हिस्सा लेकर दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर ईंट- पत्थर भी बरसाए। बताया जाता है कि दोनों पक्षों से लगभग एक एक दर्जन लोग घायल हो गए। इसकी सूचना जब लल्लखेड़ा पुलिस को लगी तो घटना स्थल पर पहुंचते ही मौके की नजाकत को पुलिस भाप न सकी और बीच-बचाव करने वाली पुलिस पर भी ईट पत्थरों की बरसात होने लगी। ईंट-पत्थर बरसाने पर एक दरोगा व एक कांस्टेबल समेत दो पुलिसकर्मी घायल होने की सूचना मिली है। फिर हाल अब चुनावी रंजिश जेल में होगी ऐसे में घायल दरोगा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है वहीं सीएचसी में सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। अन्य घायलों में गंभीर रूप से घायल एक युवक को अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।
पुलिस की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पूरी मारपीट की घटना में पुलिस पर हमला के बाद अब नया मोड़ आ गया, लल्ला खेड़ा पुलिस चौकी में तैनात राजकुमार यादव दरोगा ने घटना पर शिकायत पत्र मुकदमा दर्ज करवाते देते हमलावर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस की माने तो अतरहर गांव में प्रधानी की रंजिश के चलते दो पक्षों में मारपीट होने की घटना की सूचना मिली थी। दरोगा अपने साथी कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। एक पक्ष के मनोज अवस्थी उर्फ मोनू पुत्र कृष्ण कुमार, पवन शुक्ला पुत्र उमाशंकर शुक्ला, निखिल पुत्र तेजभान शुक्ला, नीतेश अवस्थी पुत्र कृष्ण कुमार अवस्थी व कुछ अन्य अज्ञात लोग और दूसरे पक्ष के महेंद्र कुमार मिश्रा पुत्र स्व. व्रज बिहारी मिश्रा, सर्वेश त्रिवेदी पुत्र अकबाल त्रिवेदी, अनूप तिवारी व अमित तिवारी पुत्र महेश तिवारी, अंकित तिवारी पुत्र रामचंद्र तिवारी, सुभागिनी पत्नी सर्वेश त्रिवेदी व कुछ अन्य अज्ञात पुरुष व महिलाओं समेत लगभग दो दर्जन लोग आपस में गाली गलौज और मारपीट कर रहे थे। दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर ईंट-पत्थर बरसा रहे थे।
दरोगा का आरोप, पुलिस को ही बनाया निशाना
दरोगा का आरोप है कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराने के लिए पुलिस जब बीच-बचाव करने लगी तो दोनों पक्षों ने पुलिस वालों को निशाना बनाते हुए उनके पर ईंट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। जिसमें मौके पर पहुंचे दरोगा और एक कांस्टेबल घायल हो गए। दोनों पुलिस कर्मियों सहित दोनों पक्षों से मारपीट की घटना में घायल हुए लगभग दो दर्जन लोगों को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया गया। दरोगा राजकुमार यादव की तहरीर पर पुलिस ने घटना का मुकदमा दर्ज करते हुए सीएचसी में सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। गंभीर रूप से घायल नीतेश अवस्थी को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर घटना का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस की लापरवाही या थाना प्रभारी को बिना सूचना पहुंची पुलिस, हो सकती थी बड़ी घटना
इस पूरी घटना में बड़ा सवाल यह है कि जब दो पक्षों से लगभग दो दर्जन लोग आपस में एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर बरसा रहे थे तो इस बीच लल्लाखेड़ा चौकी से दरोगा व कॉस्टेबल अकेले क्यों पहुंचे, क्या थाने में सूचना नहीं दी गई, अगर दी गई तो मौके पर तुरंत फोर्स क्यों नहीं भेजी गई। दोनों पुलिस कर्मियों के घायल होने के बाद फोर्स भेजी गई। यह पुलिस की बड़ी लापरवाही है। इसमें कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती थी।
पुलिस का घायल होना, अब सभी को खानी पड़ेगी जेल की हवा
पूरी घटना में पुलिस ने चुनावी रंजिश में हुई मारपीट घटना में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया है, जो मारपीट करने वालों पर भारी जरूर पड़ेगी, फिर हाल अब चुनावी रंजिश के चलते मारपीट में पुलिस पर जानलेवा जेल की हवा जरूर खिलाएगा।


















