रायबरेली। जनगणना-2027 को लेकर जनपद में तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पंचायत सभागार दरीबा स्थित जनगणना प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता, कार्मिकों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी गंभीरता और उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाए, ताकि जनगणना कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए जनपद में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण के तहत 16 से 18 मार्च 2026 तक सलोन और महाराजगंज तहसील के 36 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया।
इस दौरान शासन स्तर से प्रशिक्षित चार मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया, जो आगे अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे।
वर्तमान में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 19, 20 और 23 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। इस चरण में सदर, लालगंज, सलोन और ऊंचाहार तहसील के कुल 62 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संकलन की तकनीक, डिजिटल उपकरणों के उपयोग और मोबाइल एप्लिकेशन के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य है, इसलिए इसमें पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें, ताकि जनपद के सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त किए जा सकें।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में सभी कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए और सभी अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्वहन करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के रूप में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) सलोन सचिन यादव को नामित किया गया है, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।
प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां पूरी गंभीरता के साथ की जा रही हैं, ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।


















