रायबरेली। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गोरा बाज़ार, रायबरेली के सभागार में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत दर्जी एवं लोहार ट्रेड हेतु 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक कौशल, तकनीक और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक रूपेश दुबे, उप-प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई राजकुमार मौर्य तथा कौशल विकास मिशन के एमआईएस प्रबंधक राजीव कुमार सिंह एवं वंदना द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इसके उपरांत प्रशिक्षणदायी संस्था उत्तर प्रदेश डिज़ाइन एवं शोध संस्थान, लखनऊ के प्रशिक्षकों द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
उप-प्रधानाचार्य राजकुमार मौर्य ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभार्थी स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
वहीं अग्रणी जिला प्रबंधक रूपेश दुबे ने प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार हेतु उपलब्ध विभिन्न सरकारी ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के साथ उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कारीगर अपने उद्यम को मजबूती दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल लाभार्थियों को स्वावलंबी बनाती है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी सकारात्मक योगदान देती है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश डिज़ाइन एवं शोध संस्थान, लखनऊ के प्रशिक्षक ऋतु सिंह, जूही जायसवाल, कुलदीप प्रकाश एवं त्रिभुवन नाथ उपस्थित रहे। मंच संचालन जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, रायबरेली के वरिष्ठ सहायक अभिषेक बाजपेयी द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2024–25 के अंतर्गत दर्जी ट्रेड के लाभार्थियों को उन्नत टूलकिट का वितरण भी किया गया।


















