- लल्लाखेड़ा चौकी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, पेड़ों की बिक्री के ₹28 हजार बकाया और धमकी देने का आरोप
रायबरेली। थाना खीरों क्षेत्र की लल्लाखेड़ा पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्षेत्र के चक मजरा ऐंधी, पोस्ट दृगपालगंज निवासी 78 वर्षीय राजबहादुर पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस चौकी में शिकायत देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। इससे निराश होकर उन्होंने अब उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित अन्य उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
प्रार्थी के अनुसार उनके सगे भाई रामकुमार पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ ने उनके हिस्से के पेड़ों को काटकर लगभग ₹65 हजार में बेच दिया। आरोप है कि उन्हें केवल ₹37 हजार ही दिए गए, जबकि ₹28 हजार की धनराशि अब भी बकाया है। कई बार मांग करने के बावजूद शेष रकम का भुगतान नहीं किया गया।
राजबहादुर का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत लल्लाखेड़ा पुलिस चौकी में की थी। उनके अनुसार, चौकी में हुई बातचीत के दौरान प्रतिपक्षी ने बकाया धनराशि देने की बात स्वीकार भी की थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें उनका पैसा नहीं मिला।
पीड़ित बुजुर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो प्रतिपक्षी ने उन्हें जान-माल की धमकी दी। उनका कहना है कि बढ़ती उम्र में वह आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
स्थानीय पुलिस से अपेक्षित कार्रवाई न होने पर राजबहादुर ने पूरे मामले का प्रार्थना पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच कराने, बकाया धनराशि दिलाने तथा धमकी देने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला एक बार फिर पुलिस की शिकायत निस्तारण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और 78 वर्षीय बुजुर्ग को न्याय कब तक मिल पाता है।













