- महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश, कन्या सुमंगला योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
रायबरेली। उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव ने जनपद भ्रमण के दौरान विकास खंड हरचंदपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बालिकाओं से वार्ता कर विद्यालय में मिल रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा बालिकाओं के साथ भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बेहतर सुविधाएं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
तत्पश्चात उपाध्यक्ष ने विकास खंड हरचंदपुर के प्यारेपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की तथा बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही केंद्र पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके पश्चात उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरचंदपुर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में नवजात बच्चियों की दादी, नानी, बुआ एवं मौसी के साथ केक काटकर तथा 25 महिलाओं को बेबी किट वितरित कर कन्या जन्मोत्सव मनाया गया।

उन्होंने उपस्थित महिलाओं को कन्या सुमंगला योजना के लाभ तथा महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर 1800 180 5220 सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इसके बाद उपाध्यक्ष ने बाल गृह (बालिका), चक धरौरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रही बालिकाओं की सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बालिकाओं से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया।
उन्होंने बाल गृह के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को बेहतर शिक्षा, समय पर पौष्टिक भोजन, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बच्चों के मनोरंजन एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक गतिविधियों का नियमित आयोजन करने के निर्देश भी दिए।
इसके उपरांत उपाध्यक्ष ने जिला पंचायत सभागार में महिला उत्पीड़न एवं महिलाओं की समस्याओं से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने जनसुनवाई करते हुए घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, वैवाहिक विवाद, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा एवं रोजगार से संबंधित शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि महिलाओं के उत्पीड़न एवं उनसे जुड़ी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा महिलाओं से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायत एवं ग्रामीण स्तर तक किया जाए।
जिन प्रकरणों में अभी कार्रवाई लंबित है, उन्हें भी आयोग के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशानुसार महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला जनसुनवाई के दौरान 09 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
मा० उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय सुनिश्चित करना राज्य महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पीड़िता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इसी दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों में कन्या जन्म होने पर महिलाओं को कन्या सुमंगला योजना की जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाए। इसके लिए अस्पतालों में पोस्टर एवं पंपलेट प्रदर्शित कर महिलाओं को जागरूक किया जाए, ताकि शत-प्रतिशत पात्र महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें और कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर पंपलेट चस्पा किए जाएं, जिससे बच्चों को योजनाओं की जानकारी मिले और वे अपने अभिभावकों को भी इन योजनाओं से अवगत करा सकें।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी उबैर्दुरहमान, एसएचओ महिला थाना पुष्पा शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशी सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी वीरेन्द्र पाल, जिला मिशन कोऑर्डिनेटर शैफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी, काउंसलर श्रद्धा सिंह, अर्चना सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।













