रायबरेली। राकेश सचान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जनपद रायबरेली के प्रभारी मंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विकास कार्यों की प्रगति तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लक्ष्य पूर्ति, बजट उपयोग तथा जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों पर चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा से हुई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि चल रहे सर्वे में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी छूटने न पाए और किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ न मिले।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया जाए, ताकि योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा लंबित किस्तों के भुगतान में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
निराश्रित गोवंश की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में शत-प्रतिशत निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थलों में संरक्षित किया जाए। गोशालाओं में हरे चारे, पानी और चिकित्सकीय सुविधा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां नए गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण प्रस्तावित किया जाए। गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित कर गोवंश सुपुर्दगी की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश भी दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों की पहचान कर शीघ्र कार्ड जारी किए जाएं।
किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अंतिम छोर तक के किसानों को फसल सिंचाई में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
विद्युत आपूर्ति को रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 से 48 घंटे के भीतर बदलने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल उत्पादन के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा नहीं आनी चाहिए।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत और निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में लगभग एक माह शेष होने के संदर्भ में उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा आवंटित बजट का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग किया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में सभी त्यौहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अफवाहों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सतर्कता और जनसहयोग से ही सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जा सकता है।
बैठक में विधायक सलोन अशोक कुमार, जिलाधिकारी हर्षिता माथुर, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, डीएफओ प्रखर मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया।
प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जाए। साथ ही, विकास कार्यों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग कर किसी भी प्रकार की शिथिलता पर जवाबदेही तय की जाए।
बैठक का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि विकास और कानून-व्यवस्था दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक शांति बनी रहे, तो जनपद समग्र विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।


















