मेडिकल स्टोर के इलाज के बाद युवक की मौत! अवैध इन्फ्यूजन का खुलासा, दुकान सील

रायबरेली। जनपद में मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा कथित अवैध इलाज के बाद युवक की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मीडिया में प्रकाशित खबर और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के निर्देशों के बाद पूरे प्रकरण की जांच की गई, जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आई है।

जांच के दौरान 21 मार्च को औषधि निरीक्षक ने रतापुर स्थित जे.एन. हॉस्पिटल पहुंचकर डॉक्टर मल्होत्रा से मृतक दशरथ के इलाज के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद थाना चंदापुर पहुंचकर पुलिस से पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार, मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने के चलते विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

इसके बाद टीम मां भगवती मेडिकल स्टोर, नया पुरवा (चंदापुर) पहुंची, जहां दुकान बंद मिली। मौके पर मेडिकल स्टोर संचालक और मृतक के भाई जितेंद्र कुमार को बुलाकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि 8 मार्च 2026 को फर्म के प्रोपराइटर/फार्मासिस्ट आलोक कुमार की अनुपस्थिति में उनके भाई आदित्य कुमार ने मृतक दशरथ को अवैध रूप से इन्फ्यूजन चढ़ाया।

बताया गया कि मृतक को DNS (500 ml) की डेढ़ बोतल, NS (100 ml) की एक बोतल के साथ Monocef 250, Vomikind इंजेक्शन और Pantop मिलाकर दिया गया था, जो नियमों के विपरीत है। मृतक के परिजनों के अनुसार इलाज के अगले ही दिन यानी 9 मार्च को उसके पूरे शरीर में सूजन आ गई थी।

स्थिति बिगड़ने पर 17 मार्च को दशरथ को जे.एन. हॉस्पिटल, रतापुर में भर्ती कराया गया, जहां हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने 20 मार्च को उसे एम्स/मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह दी। हालांकि आर्थिक व अन्य कारणों से परिजन उसे घर ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर से संबंधित चार दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। साथ ही पुलिस की मौजूदगी में दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और सभी प्रकार के दवा क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है।

उन्होंने बताया कि फर्म संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है। उनका जवाब मिलने के बाद औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों सतर्क हैं, वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

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