नई दिल्ली। स्पेन के विदेश मंत्री श्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की।
मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जिनकी जड़ें व्यापार, संस्कृति तथा लोकतंत्र और बहुलवाद के साझा मूल्यों में हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, जिसे दोनों देशों द्वारा ‘संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक संबंध लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं तथा व्यापार और निवेश में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा-अंतरिक्ष क्षेत्रों में स्पेन की क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की विकास प्राथमिकताओं को समर्थन देने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
बहुपक्षीय सहयोग पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक होने के नाते भारत और स्पेन को संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर कार्य करना चाहिए, ताकि वैश्विक शांति, समृद्धि और स्थिरता के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रपति ने आतंकवाद को वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि भारत और स्पेन का आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ साझा दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दोनों देशों को अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट कर संयुक्त प्रयास करने होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह भी कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करने के लिए उत्सुक है।


















