11 साल में 4.53 करोड़ खाते, 3.33 लाख करोड़ की बचत: सुकन्या समृद्धि योजना से बदला बेटियों का भविष्य

नई दिल्ली। भारत सरकार की प्रमुख लघु बचत योजनाओं में शामिल सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को 22 जनवरी 2026 को 11 वर्ष पूरे हो गए। यह योजना 22 जनवरी 2015 को सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से अब तक 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और इनमें 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल जमा राशि हो चुकी है (दिसंबर 2025 तक)। वर्तमान में योजना के अंतर्गत 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू है, जो इसे बालिकाओं के लिए उपलब्ध सबसे अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शामिल करती है।

वित्तीय सुरक्षा के साथ सामाजिक उद्देश्य

सुकन्या समृद्धि योजना को केवल एक बचत योजना के रूप में नहीं, बल्कि बालिकाओं के शिक्षा,आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की उच्च शिक्षा और विवाह से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं के लिए परिवारों को दीर्घकालिक बचत के लिए प्रोत्साहित करना है।

कौन खोल सकता है खाता

इस योजना के अंतर्गत माता-पिता या कानूनी अभिभावक भारतीय नागरिक बालिका के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक उसके नाम पर खाता खोल सकते हैं। खाता किसी भी डाकघर, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या अधिकृत निजी बैंकों जैसे एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक में खोला जा सकता है। ल

  • एक बालिका के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है
  • एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के लिए खाता खोल सकता है
  • जुड़वां या तीन जुड़वां बच्चों के मामलों में शपथ पत्र और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर छूट दी जाती है
  • खाता देश में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है

जब तक बालिका 18 वर्ष की नहीं हो जाती, खाता अभिभावक द्वारा संचालित किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद आवश्यक दस्तावेज जमा कर बालिका स्वयं खाते का संचालन कर सकती है।

खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का आवेदन पत्र
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • आधार संख्या
  • पैन कार्ड या फॉर्म-60

जमा राशि और ब्याज व्यवस्था

खाते में न्यूनतम 250 रुपये से खाता खोला जा सकता है। इसके बाद 50 रुपये के गुणकों में जमा की जा सकती है।

  • वार्षिक न्यूनतम जमा: 250 रुपये
  • वार्षिक अधिकतम जमा: 1.50 लाख रुपये
  • जमा अवधि: खाता खोलने की तिथि से 15 वर्ष

ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है और इसे प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जोड़ा जाता है।

आंशिक निकासी की सुविधा

बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी करने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर, पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि का 50 प्रतिशत तक शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए निकाला जा सकता है। यह निकासी आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर एकमुश्त या किश्तों में की जा सकती है।

परिपक्वता और समयपूर्व बंद करने के नियम

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष पूरे होने पर परिपक्व होता है। समयपूर्व बंद करने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में दी जाती है:

  • खाताधारक का विवाह (कम से कम 18 वर्ष की आयु आवश्यक)
  • खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में

मृत्यु की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर खाते को तत्काल बंद कर शेष राशि ब्याज सहित अभिभावक को भुगतान की जाती है।

कर लाभ

इस योजना के अंतर्गत किया गया निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत कर छूट के योग्य है। परिपक्वता पर प्राप्त राशि भी कर-मुक्त होती है।

बालिकाओं के भविष्य की दिशा में कदम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना में लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि परिवार बालिकाओं की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं। योजना ने देशभर में दीर्घकालिक बचत की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ बालिकाओं के सशक्तिकरण को भी मजबूती प्रदान की है।

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