उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का समापन, 180 से अधिक विजेताओं को मिले पुरस्कार

  • 800 प्रजातियों के 3000 से अधिक नमूनों का प्रदर्शन, मलिहाबाद के मोहम्मद इकबाल अहमद बने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में चल रहे तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026’ का रविवार को समापन हो गया। समापन दिवस पर मुख्य अतिथि प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने 180 से अधिक विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

समापन दिवस पर उद्यान मंत्री ने आम की विभिन्न प्रजातियों की सात श्रेणियों एवं 56 वर्गों की प्रतियोगिता में 51 विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कुल 147 पुरस्कार प्रदान किए। आम आधारित संरक्षित उत्पादों की प्रतियोगिता के 11 वर्गों के 19 विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कुल 33 पुरस्कार तथा आम पकवान प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कुल तीन पुरस्कार दिए गए।

आम के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार मोहम्मद इकबाल अहमद, प्रो. मेसर्स अवध नर्सरी, मलिहाबाद, लखनऊ को चौंसा प्रजाति के प्रदर्शन के लिए दिया गया। सर्वाधिक पुरस्कार विजेताओं में मोहम्मद इकबाल अहमद को 20 पुरस्कार, मोहम्मद अब्दुल सलीम, जैद नर्सरी, मलिहाबाद को 17 पुरस्कार तथा सुरेश चंद्र शुक्ला, गोमती नगर, लखनऊ को 14 पुरस्कार प्राप्त हुए।

प्रदर्शनी में सर्वाधिक 190 प्रजातियों के प्रदर्शन के लिए सुरेश चंद्र शुक्ला को प्रथम, 92 प्रजातियों के प्रदर्शन के लिए उपेन्द्र सिंह, अवध आम उत्पादक सहकारी संघ, माल, लखनऊ को द्वितीय तथा 24 प्रजातियों के प्रदर्शन के लिए सूर्य मणि यादव, जौनपुर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

आठ से 12 वर्ष के बच्चों की आम खाने की प्रतियोगिता में रुचिर शुक्ला पुत्र कर्नल रिषभी शुक्ला, लखनऊ को प्रथम, अरिक्ता सिंह पुत्री डॉ. धीरेन्द्र सिंह, लखनऊ को द्वितीय तथा दीपांशु यादव पुत्र रमेश कुमार यादव, बस्ती को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

महोत्सव में आम की लगभग 800 प्रजातियों के नमूने प्रदर्शित किए गए। प्रदेश में आम की सुप्रसिद्ध दशहरी, लंगड़ा, चौंसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली प्रजातियों के साथ-साथ अवध अभया, अवध समृद्धि, सुंदरजा, वनराज, टॉमी एटकिन्स, सेंसेशन, अरुणिका और अम्बिका आदि रंगीन प्रजातियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

महोत्सव में आम की विभिन्न प्रजातियों में 1390 प्रतिभागियों द्वारा 2667 प्रदर्श नमूने तथा आम के संरक्षित पदार्थ वर्ग में 111 प्रतिभागियों द्वारा 365 नमूने प्रदर्शित किए गए। इस प्रकार कुल 1501 प्रतिभागियों द्वारा 3032 नमूने प्रदर्शित किए गए, जो विगत वर्ष की तुलना में लगभग छह प्रतिशत अधिक रहे।

इसके अतिरिक्त हाईटेक नर्सरियों में उत्पादित कमल के पौधे, ड्रैगन फ्रूट एवं खजूर के पौधे, आम की आइसक्रीम, आम जलेबी, आम पना, आम हलवा और आम रसगुल्ला आदि के स्टॉल प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहे।

आम महोत्सव-2026 के अंतिम दिवस पर किसानों, उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छात्रों के समक्ष खाद्य प्रसंस्करण के महत्व एवं रोजगार सृजन में योगदान विषय पर तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना एवं उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 में प्रदत्त सुविधाओं, डिहाइड्रेशन एवं परंपरागत विधि से आम सुखाने, फर्मेंटेशन, इनोवेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप, फूड सेफ्टी, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्कृत उत्पादों के विपणन, शहद प्रसंस्करण तथा स्वरोजगार के लिए सीआईसी के योगदान आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

किसानों को अवगत कराया गया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लघु एवं सूक्ष्म उद्योग की स्थापना पर 35 प्रतिशत, अधिकतम एक लाख रुपये तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना पर 35 प्रतिशत, अधिकतम पांच करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का उद्यान विभाग किसानों की आय बढ़ाने और उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को उत्तर प्रदेश सरकार ने नवाचार, आधुनिक तकनीक, निर्यात संवर्धन और मूल्य संवर्धन के माध्यम से धरातल पर उतारा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश का आम 30 से अधिक देशों में निर्यात किया जा रहा है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकसित होने से निर्यात लागत में कमी आएगी और कार्गो विमानों के माध्यम से सीधे विश्व बाजारों तक आम पहुंचेगा।

आम महोत्सव-2026 का आयोजन उद्यान विभाग, खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मंडी परिषद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण, एनएचआरडीएफ, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से किया गया।

महोत्सव में आम उत्पादक किसान, समितियां, स्वयं सहायता समूह, पैक हाउस, फूड प्रोसेसर, निर्यातक व्यापारी, नर्सरी मालिक, वित्तीय सहायता प्रदाता, अवसंरचना तथा रसद प्रदाता, मशीनरी एवं उपकरण आपूर्तिकर्ता, शोधकर्ता एवं वैज्ञानिक आदि ने प्रतिभाग किया।

सीआईएसएच, रहमानखेड़ा, लखनऊ, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, उद्यान विभाग के सहारनपुर, बस्ती, झांसी के बरुआसागर एवं लखनऊ के मलिहाबाद में स्थापित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्रों तथा प्रगतिशील बागवानों द्वारा अपने-अपने संस्थानों और बागों में उगाई जाने वाली प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के उद्यान विभाग एवं कृषकों ने भी महोत्सव में प्रतिभाग किया।

समापन अवसर पर निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम ने सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं बागवानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान विधायक प्रभात वर्मा एवं पूजा पाल, एमएलसी पवन सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, विशेष सचिव राज कमल यादव, वित्त नियंत्रक संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. सर्वेश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव कुमार वर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का उद्घाटन 3 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया था। महोत्सव में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे थे।

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