विद्युत विभाग उपभोक्ताओं को लूट रहा, स्मार्ट मीटर और बढ़े लोड पर ओपी यादव ने उठाए सवाल

  • स्मार्ट मीटर और बिना सहमति लोड बढ़ाने पर उठाए सवाल, राज्यपाल को भेजा फैक्स

रायबरेली। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता ओपी यादव ने विद्युत विभाग पर उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर इतनी तेजी से चलते हैं कि विद्युत की वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

ओपी यादव ने कहा कि इससे पूर्व विभाग की ओर से प्री-पेड व्यवस्था लागू करने का आदेश आया था, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा वापस लिया गया। अब जुलाई में जनपद के लगभग एक लाख उपभोक्ताओं का विद्युत भार बिना उनकी स्वीकृति के एक किलोवाट से बढ़ाकर पांच किलोवाट तक कर दिया गया है। इसके कारण उपभोक्ताओं को 50 से लेकर 100 प्रतिशत तक बढ़े हुए विद्युत बिल भेजे जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालयों तक के बिजली बिल जमा नहीं किए जाते हैं। इसके अलावा विद्युत विभाग में सेवारत कर्मचारियों और अभियंताओं के विभागीय कार्यालयों एवं आवासों के बिजली बिल भी जमा नहीं किए जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घाटे की भरपाई सामान्य उपभोक्ताओं से की जा रही है।

ओपी यादव ने आरोप लगाया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं छोटे-छोटे औद्योगिक केंद्रों में विद्युत विभाग के अभियंताओं द्वारा उपभोक्ताओं से पैसे लेकर कॉमर्शियल कनेक्शन के स्थान पर घरेलू कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की जर्जर लाइनों को ठीक नहीं कराया जा रहा है और लाइनमैन अपना काम नहीं करते। विभागीय कार्य कराने के लिए अलग से लोगों को रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि इन्हीं अव्यवस्थाओं के कारण आए दिन विद्युत दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विभाग की लापरवाही के कारण कई स्थानों पर एक-एक पखवाड़े तक विद्युत आपूर्ति नहीं होती, लेकिन बिजली नहीं आने के बावजूद उपभोक्ताओं के घर विद्युत बिल समय से पहुंच जाते हैं।

ओपी यादव ने कहा कि यही कारण है कि विद्युत विभाग घाटे में चल रहा है, जबकि विभागीय कर्मचारी मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने इन सभी मामलों की जांच और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की मांग उठाई है।

वरिष्ठ समाजवादी नेता ओपी यादव ने राज्यपाल को फैक्स भेजकर विद्युत विभाग के कथित तुगलकी आदेश को वापस लेने और विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के साथ की जा रही कथित लूट पर अंकुश लगाने की मांग की है।

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