- 50 करोड़ की स्कॉलरशिप से 3,000 प्रतिभाओं को मिला करियर का मंच, एआई और फ्यूचर स्किल्स पर हुआ मंथन
उन्नाव/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में दो दिवसीय ‘सीयू स्कॉलर समिट 2026’ के फेज-2 का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ।
समिट के पहले दिन बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 750 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 3,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लगभग 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति देकर नया आयाम स्थापित किया है। यह साबित करता है कि योगी सरकार की नीतियों में आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभा की शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में युवाओं को एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसी उभरती तकनीकों में दक्ष होना होगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को योगी सरकार धरातल पर उतार रही है।
हमारा लक्ष्य है कि यूपी का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियों को भी उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बराबरी के अवसर मिल रहे हैं।
सीयू यूपी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा कि एक वर्ष पहले स्पष्ट विजन के साथ सीयू यूपी की नींव रखी गई थी। आज कैंपस में एडवांस लैब्स, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई स्पेस और विश्वस्तरीय रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री-ड्रिवन लर्निंग मॉडल के कारण कई छात्र पहले ही ग्लोबल कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए चयनित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एआई हर क्षेत्र को बदल रहा है। सीयू यूपी देश का पहला एआई स्पेस विकसित कर छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।
यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सीयूसीईटी के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप की घोषणा की थी। मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप मिली है। समिट के पहले दिन इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग के 750 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
“फ्रॉम स्कॉलर टू फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल: एआई, एयरोस्पेस, डिफेंस एंड इंजीनियरिंग” थीम पर आयोजित सत्रों में पॉलिसी मेकर्स, एजुकेशनिस्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और एलुमनाई ने फ्यूचर स्किल्स पर मंथन किया। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रो. डॉ. ल्यूक डिकेन्स और सीयू यूपी के प्रो. डॉ. थिपेंद्र पाल सिंह ने ग्लोबल करियर ऑपर्च्युनिटीज पर संवाद किया।
“फ्रॉम सीयू क्लासरूम्स टू ग्लोबल करियर्स” सेशन में एलुमनाई ने अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। सुपर अचीवर्स ने प्लेसमेंट, स्टार्टअप, रिसर्च, पेटेंट और इंटरनेशनल अचीवमेंट्स के संबंध में जानकारी दी।
पूर्व ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, हिताची एमजीआरएम नेट लिमिटेड के टेक्नोलॉजी लीडर मनीष पाहुजा, पीआईएसएआरवी के फाउंडर अभिषेक मिश्रा और विफी टेक्नोलॉजी के को-फाउंडर विक्रम एस. ने इनोवेशन, इंडस्ट्री एक्सपेक्टेशंस और एंटरप्रेन्योरशिप पर अपने विचार रखे।
सेलिब्रिटी टॉक में अभिनेता कुमुद मिश्रा ने “क्रिएटिंग योर ओन पाथ: आइडेंटिटी, ऑपर्च्युनिटी एंड सक्सेस बियॉन्ड टाइमलाइंस” विषय पर युवाओं से संवाद किया और उन्हें अपनी राह खुद बनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्लानिंग एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन तथा आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टीपी सिंह समेत शिक्षा और उद्योग जगत के गणमान्य लोग मौजूद रहे।













