डॉ. राजेश्वर सिंह ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नई शाखा का उद्घाटन किया, बोले- बैंक अर्थव्यवस्था की वित्तीय रीढ़

  • सरोजनीनगर के वृंदावन योजना सेक्टर-4 में नई शाखा का शुभारंभ, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को सौंपे स्वीकृति पत्र, ग्रीन फाइनेंस को बढ़ावा देने की अपील

(शकील अहमद)

सरोजनीनगर। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह आज बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सेक्टर-4, वृंदावन योजना शाखा के उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंक किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और देश की समृद्धि का रास्ता बैंकों से होकर गुजरता है। सेविंग्स बैंक खातों में जमा धन को बैंक निवेश में परिवर्तित करते हैं, जो उद्योगों और उद्यमों तक पहुंचकर रोजगार के नए अवसर सृजित करता है। यही कारण है कि बैंक किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की वित्तीय रीढ़ होते हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र का पंजीकरण वर्ष 1935 में हुआ था। लगभग 90 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में वर्ष 1969 में राष्ट्रीयकरण के बाद भी बैंक ने निरंतर प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अपनी पारदर्शी कार्यप्रणाली, उत्कृष्ट सेवाओं और जनविश्वास के बल पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने देशभर में विशिष्ट पहचान बनाई है।

विधायक ने बैंक की जिम्मेदार ऋण वितरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैंक का एनपीए (NPA) मात्र 0.13 प्रतिशत है, जो देश में सबसे कम है। उन्होंने इसके लिए बैंक की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि बैंक सोच-समझकर ऋण प्रदान करने के साथ-साथ उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग एवं रिकवरी भी सुनिश्चित कर रहा है।

अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें बैंकिंग व्यवस्था को निकट से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बैंक बड़े उद्योगों और उद्यमों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के व्यवसाय को उसकी क्षमता एवं विश्वसनीयता का प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को मिले स्वीकृति पत्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत गोविंद सिंह, दीवाकर पांडे, अजय कुमार मौर्य, ममता यादव एवं रिद्धि पाण्डेय को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी लाभार्थियों को आत्मनिर्भर भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।

ग्रीन फाइनेंस को बढ़ावा देने की अपील

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, गिरता भूजल स्तर और बढ़ता प्रदूषण भविष्य की बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण में बैंकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

उन्होंने ग्रीन फाइनेंस पर बल देते हुए कहा कि जो कंपनियां ग्रीन एनर्जी, सौर ऊर्जा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने शाखा प्रबंधक से आग्रह किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे प्रयासों को बैंक विशेष प्राथमिकता दे।

इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री वीरेंद्र तिवारी, जोनल मैनेजर अमित गोयल, डिप्टी जोनल मैनेजर संजू कुमारी, ब्रांच मैनेजर माधवी मिश्रा एवं समस्त बैंक स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष राजन मिश्रा, पार्षद मनोज रावत, पार्षद संजीव अवस्थी, आमोद कुमार, विनय मिश्रा, शेर अली, सेक्टर संयोजक आराधना पाण्डेय, निर्मल सिंह एवं शैलेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्यजन भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की यह नई शाखा अत्यंत आधुनिक एवं ग्राहक हितैषी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शाखा सरोजनीनगर क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने, वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने तथा स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्रवासियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।

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