सपा जनहित नहीं, व्यवधान की राजनीति कर रही है : डॉ. राजेश्वर सिंह

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  • विधानसभा में जनता के मुद्दों पर चर्चा रोकना लोकतंत्र के साथ अन्याय, समाधान पर नहीं हंगामे पर भरोसा : डॉ. राजेश्वर सिंह

शकील अहमद

सरोजनीनगर (लखनऊ)। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे और कार्यवाही में व्यवधान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह विपक्ष नहीं, बल्कि “व्यवधानवादी राजनीति” का परिचायक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार को जवाबदेह बनाना है, न कि सदन की कार्यवाही को ठप कर जनता के मुद्दों पर चर्चा रोकना।

डॉ. सिंह ने कहा कि जिन विषयों को लेकर समाजवादी पार्टी शोर मचा रही है, उन पर राज्य सरकार पहले ही कठोर और निर्णायक कार्रवाई कर चुकी है। चंदा चोरी के मामलों में दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पेपर लीक के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाया गया। जब कार्रवाई भी हो चुकी है, जवाबदेही भी तय हो चुकी है और व्यवस्था भी पहले से अधिक सुदृढ़ कर दी गई है, तब विपक्ष के पास तथ्यों के अभाव में केवल हंगामा ही शेष रह जाता है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता की आकांक्षाओं का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। यहाँ किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और प्रदेश के विकास जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी इन महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक बहस करने के बजाय कार्यवाही बाधित कर लोकतंत्र का अमूल्य समय और जनता के कर से अर्जित धन दोनों की बर्बादी कर रही है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तीव्र आर्थिक विकास, रिकॉर्ड निवेश, आधुनिक आधारभूत संरचना और सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में रचनात्मक विपक्ष से अपेक्षा थी कि वह तथ्य, सुझाव और वैकल्पिक नीति लेकर सदन में आए। किंतु समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उसके पास न कोई ठोस दृष्टि है, न कोई सकारात्मक एजेंडा और न ही जनहित के प्रश्नों पर गंभीर विमर्श की इच्छा।

उन्होंने कहा कि जनता अब इस राजनीति का अंतर भली-भांति समझती है। एक ओर सरकार समस्याओं का समाधान, जवाबदेही और व्यवस्था सुधार पर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी केवल शोर, अवरोध और राजनीतिक प्रदर्शन में लगी हुई है। लोकतंत्र बहस से मजबूत होता है, व्यवधान से नहीं।

डॉ. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने विकास, सुशासन और परिणामों की राजनीति को स्वीकार किया है। जो दल समाधान प्रस्तुत नहीं कर सकता, वह व्यवधान उत्पन्न करता है; जो तथ्य नहीं रख सकता, वह हंगामा करता है। प्रदेश की जनता अब शोर नहीं, समाधान चाहती है; अवरोध नहीं, विकास चाहती है। समाजवादी पार्टी को सदन की गरिमा का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और तथ्याधारित चर्चा में भाग लेना चाहिए।

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