- दुबई से लौटे यात्री से सोना लेकर फरार होने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, 203.92 ग्राम सोने का कैप्सूल बरामद
शकील अहमद
सरोजनीनगर,लखनऊ। पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देशानुसार अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के कुशल पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के प्रभावी मार्गदर्शन एवं प्रभारी निरीक्षक थाना सरोजनीनगर राजदेव प्रजापति के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों तथा सर्विलांस सेल जोन दक्षिणी की संयुक्त टीम ने थाना सरोजनीनगर पर दर्ज मुकदमे में दो अभियुक्तों दीपक वर्मा एवं राम प्रताप दुबे को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने उनके कब्जे से कैप्सूलनुमा रबर की डिब्बी में लिपटा हुआ 203.92 ग्राम सोने का पाउडर (अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये) बरामद किया है। अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार 03 अगस्त 2026 को वादी महबूब आलम पुत्र मंजूर अहमद, निवासी वार्ड नं. 10, उमरगंज, बेल्थरा रोड, जनपद बलिया ने थाना सरोजनीनगर में तहरीर दी कि वह 27 जुलाई 2026 को दुबई से अमौसी एयरपोर्ट लखनऊ पहुंचे थे। एयरपोर्ट से बाहर आने पर दीपक वर्मा निवासी किठूर थाना श्रीदत्तगंज जनपद बलरामपुर, राम प्रताप दुबे निवासी इटई मैदा थाना श्रीदत्तगंज जनपद बलरामपुर तथा अर्शदीप निवासी जिला मोगा (पंजाब) एवं उनके साथियों ने उन्हें काले रंग की ब्रेजा कार में बैठा लिया और काफी देर तक इधर-उधर घुमाने के बाद आलमबाग बस अड्डे के पास उतार दिया। आरोप है कि इस दौरान उनका ट्रॉली बैग, पासपोर्ट, कपड़े तथा उसमें रखा सोने का कैप्सूल चोरी कर लिया गया।
घटना के सफल अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा माल बरामदगी के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में डीसीपी दक्षिणी सर्विलांस टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने 100 से 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसके बाद 04 अगस्त 2026 को दीपक वर्मा एवं राम प्रताप दुबे को चोरी किए गए सोने के कैप्सूल सहित गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि यह एक अंतर्राज्यीय गिरोह है, जिसके सदस्य विशेष रूप से दुबई सहित खाड़ी देशों में रह रहे ऐसे भारतीयों को निशाना बनाते हैं, जो किसी कारणवश जल्द भारत लौटना चाहते हैं। गिरोह के सदस्य उन्हें शॉपिंग कराने, पैसे देने तथा टिकट उपलब्ध कराने का प्रलोभन देते हैं। इसके बाद सोने का बुरादा बनाकर उसे कंडोम में पैक कर रेक्टम के माध्यम से शरीर के अंदर छिपाकर भारत भेजा जाता है। दूरस्थ एयरपोर्ट का चयन कर तस्करी कराई जाती है और एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर गिरोह के सदस्य तस्करी का सोना अपने कब्जे में ले लेते हैं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसमें राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। गिरोह खाड़ी देशों में ऐसे भारतीयों की तलाश करता है, जो किसी कारणवश भारत लौटना चाहते हैं। उन्हें शॉपिंग, पैसे और टिकट का लालच देकर गिरोह से जोड़ा जाता है तथा अलग-अलग तरीकों से सोने की तस्करी कराई जाती है।
अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें राजस्थान की टीम की ओर से अमौसी एयरपोर्ट से सोना लाने वाले व्यक्ति से सोना प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद सोना गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया जाना था, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने महबूब आलम को झांसे में लेकर अपने साथियों की मदद से कार में बैठाया और सोने का कैप्सूल चोरी कर लिया।













