बेमौसम बारिश से धान-तिल्ली की फसल बर्बाद, किसानों की उम्मीद टूटी

  • किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा, औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी

खीरों, रायबरेली। पिछले 48 घंटे से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर कहर बरपा दिया है। हजारों बीघा धान और सैकड़ों बीघा तिल्ली की खड़ी फसल चौपट हो गई। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से धान की बालियां सड़ने लगीं, वहीं तिल्ली के पेड़ गलकर खेतों में ही बर्बाद हो रहे हैं।

किसानों को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी और बेहतर दाम मिलेंगे, लेकिन मौसम की मार ने उनकी सारी मेहनत मिट्टी में मिला दी। अब किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।

किसानों की व्यथा

मदनापुर निवासी बाबू तिवारी बोले, “पिछली बार की तरह इस बार भी धान की फसल बर्बाद हो गई। अच्छा रेट मिलने की उम्मीद थी, पर अब मजबूरी में औने-पौने दाम पर ही धान बेचना पड़ेगा।”

सहजनबारी के रामनिवास शुक्ला ने कहा, “तिल्ली की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। बेहतर पैदावार की आस थी, लेकिन बारिश ने सब चौपट कर दिया।”

गुम्दापुर निवासी अशोक कुमार ने बताया, “धान की फसल कटने ही वाली थी कि तेज बारिश और हवाओं से गिरकर सड़ गई। पिछली बार भी यही हाल हुआ था।”

लगातार हो रही बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है। ग्रामीण इलाकों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्हें फसल का उचित दाम कैसे मिलेगा।

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