आर स्टीफन (स्टेट हेड)
नागपुर (एमसीबी जिला)। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के नागपुर लाई ग्राम स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्रामीण किसानों से सरकार के नियमों के विरुद्ध धान खरीदे जाने का मामला सामने आया है।
किसानों का आरोप है कि केंद्र पर तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और उन्हें मजबूरी में नियमों के खिलाफ धान बेचने को विवश किया जा रहा है।
मौके पर मौजूद धान खरीदी केंद्र के प्रभारी राकेश सिंह से जब इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने बताया कि केंद्र पर 41 किलो प्रति बोरी के हिसाब से धान खरीदा जा रहा है।
जब उनसे सरकार की गाइडलाइन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोल-मोल बातें करते हुए सवालों से बचने की कोशिश की।
इसके बाद जब धान खरीदी केंद्र पर मौजूद किसानों से बात की गई, तो उन्होंने जो जानकारी साझा की, वह चौंकाने वाली रही। किसानों ने बताया कि यदि वे प्रभारी की शर्तों के अनुसार धान नहीं देते हैं, तो उन्हें खुलेआम धमकाया जाता है।
किसानों का कहना है कि उनसे साफ शब्दों में कहा जाता है “धान बेचना है तो इसी हिसाब से दो, नहीं तो वापस ले जाओ।” किसानों का आरोप है कि यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं, बल्कि लगातार हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि धान बेचने के लिए दूर-दराज़ से आए किसान मजबूरी में नियमों के विरुद्ध शर्तें मानने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें डराया-धमकाया जाता है।
यह मामला एमसीबी जिले के नागपुर लाई ग्राम का है, जहां किसानों के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी कर धान खरीदी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और धान खरीदी सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से की जाए।


















