रायबरेली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के हालिया दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री ने सांसद के चुनावी वादों, विकास कार्यों और हालिया कार्यक्रमों को लेकर कई सवाल उठाए।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिस मैनुपुर रोड की खराब स्थिति को स्वयं राहुल गांधी ने देखा था, उसकी हालत अब भी पूर्ववत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद भी उक्त सड़क के निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। मंत्री ने यह भी कहा कि विकास से जुड़े मुद्दों पर सांसद की भूमिका स्पष्ट नहीं दिखती।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि वे रायबरेली में आते तो हैं, लेकिन जिले के विकास से जुड़े कार्यों पर उनका ध्यान नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी सवाल किया कि हाल में जिन सड़कों के उद्घाटन की बात कही गई, वे धरातल पर कहां दिखाई देती हैं। मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा जिन सड़कों का उद्घाटन किया गया है, वे वास्तविक रूप से बनी हुई हैं और जनता को उनका लाभ मिल रहा है।
फिरोज गांधी से संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस के विषय पर भी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि यह लाइसेंस इतने वर्षों बाद दिया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। मंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए फिरोज गांधी के नाम का उपयोग किया जा रहा है, जबकि उनके सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों में नियमित सहभागिता नहीं होती।
ऊंचाहार क्षेत्र में सड़कों के उद्घाटन को लेकर किए गए दावों पर भी मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि वहां किए गए कार्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्मित सड़कों को लोग धरातल पर देख सकते हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के दौरे को तीन दिवसीय बताया गया, जबकि वह एक ही दिन में समाप्त हो गया। उन्होंने मैनुपुर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां सड़क निर्माण लगभग 35 वर्षों से लंबित है और यह स्पष्ट होना चाहिए कि ग्राम सभा के इस विकास कार्य में देरी क्यों हो रही है।
मनरेगा को लेकर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आगामी समय में मजदूरों को अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


















