रायबरेली। जनपद में कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोलर पम्प स्थापना एवं अनुरक्षण से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि यह योजना राज्य कृषि विकास योजना के तहत संचालित की जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि निदेशक, राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान, रहमानखेड़ा द्वारा संचालित “सोलर पम्प स्थापना/अनुरक्षण हेतु तकनीकी प्रशिक्षण योजना” के अंतर्गत जनपद की छह तहसीलों से इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा। योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को सोलर पम्प की स्थापना, संचालन एवं अनुरक्षण से संबंधित नवीनतम तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें सोलर पम्प मैकेनिक के रूप में दक्ष बनाया जा सके।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जनपद की प्रत्येक तहसील से एक अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। चयन के लिए अभ्यर्थियों हेतु आवश्यक शैक्षिक एवं तकनीकी योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार अभ्यर्थी के पास इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स या फिटर ट्रेड में दो वर्षीय आईटीआई, अथवा इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा, अथवा इंजीनियरिंग/कृषि इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है।
आयु सीमा के संबंध में बताया गया कि अभ्यर्थी की आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे जो निर्धारित शर्तों को पूर्ण करते हों।
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 02 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 के मध्य अपना आवेदन पत्र उप कृषि निदेशक, रायबरेली के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में सायं 5:00 बजे तक जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि यह प्रशिक्षण योजना ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


















