सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज (महाराजगंज)। सफलता जब अपनी जड़ों तक लौटती है तो वह केवल उपलब्धि नहीं रहती, वह प्रेरणा बन जाती है। आईबीपीएस के माध्यम से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पीओ (सहायक प्रबंधक) पद पर चयनित आदित्य कुमार जब अपने प्रारंभिक शिक्षण संस्थान राम बक्स शांति देवी मॉडर्न चिल्ड्रेन स्कूल पहुंचे, तो पूरा विद्यालय परिसर गर्व और भावनाओं से भर उठा।
नगर पंचायत बृजमनगंज के वार्ड संख्या 7, स्वतंत्रता सेनानी नगर निवासी आदित्य कुमार पुत्र बद्री नारायण जायसवाल की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। चयन के बाद घर लौटने पर सैकड़ों लोगों ने उन्हें बधाई दी। लेकिन आदित्य ने अपनी सफलता की असली शुरुआत जहां से हुई, उस स्कूल की दहलीज पर जाकर सबसे पहले गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।
विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र यादव, उप प्रधानाचार्य दयानंद मिश्रा, वरिष्ठ शिक्षक ओम प्रकाश यादव सहित समस्त शिक्षकों ने उन्हें फूलमालाओं से स्वागत किया। छात्र-छात्राओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अपने वरिष्ठ को सम्मान दिया। यह दृश्य केवल सम्मान का नहीं, बल्कि शिक्षा की परंपरा और गुरु-शिष्य संबंध की जीवंत मिसाल था।
आदित्य ने अपने संबोधन में कहा कि “एलकेजी से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मैंने इसी विद्यालय में की। यहां के गुरुजनों ने न केवल पढ़ाया, बल्कि जीवन की दिशा दी। आज जो भी हूं, वह इन्हीं की मेहनत और मेरे माता-पिता के त्याग का परिणाम है।”
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी ईमानदारी से की जाए। उन्होंने ‘स्मार्ट स्टडी’ और समय प्रबंधन को प्रतियोगी परीक्षाओं की सफलता का आधार बताया।
प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि आदित्य जैसे छात्र विद्यालय की पहचान होते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उप प्रधानाचार्य दयानंद मिश्रा ने बताया कि आदित्य हमेशा अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं।
कार्यक्रम में संत कुमार राय, रामकमल मौर्य, शैलेश कुमार, आकाश यादव, दुर्गेश कुमार मौर्य, महबूब आलम, आकाश चौरसिया, अफजल अहमद, दुर्गेश कुमार यादव, सिंधु गुप्ता, पूनम चौरसिया, ममता मौर्य, सबीना, सुनीता जायसवाल और सामाजिक कार्यकर्ता गिरजा शंकर पांडेय सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
आदित्य की सफलता ने यह सिद्ध किया कि छोटे कस्बों के विद्यार्थी भी बड़े सपने साकार कर सकते हैं। जरूरत है तो केवल धैर्य, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच की।
बृजमनगंज की गलियों से निकलकर बैंकिंग क्षेत्र में अधिकारी बनने तक की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए संदेश है कि संघर्ष और संकल्प से हर लक्ष्य संभव है।


















