गजरौला में बैसाखी समागम: 16 जोड़ों का सामूहिक आनंद कारज, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सलमान खान

बाजपुर, ऊधम सिंह नगर। गजरौला स्थित गुरुद्वारा नानकसर ठाठ में बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर भव्य बैसाखी समागम एवं सामूहिक आनंद कारज का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरु घर की खुशियों में सहभागिता की।

समागम के दौरान 16 जरूरतमंद जोड़ों का विधिवत आनंद कारज संपन्न कराया गया। विवाह संस्कार के उपरांत नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक घरेलू उपयोग की सामग्री भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया।

यह आयोजन गुरुद्वारा नानकसर ठाठ के मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह के नेतृत्व में संगत के सहयोग से बाबा कुंदन सिंह जी गुरमत संस्था के तत्वावधान में संपन्न हुआ। समारोह में बाबा अमरजीत सिंह जी ने भावपूर्ण कथा-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भावविभोर किया, वहीं बाबा रणजीत सिंह जी ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार आनंद कारज की सभी रस्में पूर्ण कराईं।

कार्यक्रम का संचालन किसान नेता जगतार सिंह बाजवा एवं भाई अनमोल सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर बाबा करनैल सिंह हजीरा, बाबा हरजीत सिंह, बाबा आवाज चंदा सिंह, ज्ञानी हरभजन सिंह, रागी राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, ग्रंथी सभा के प्रतिनिधि, एसजीपीसी सदस्य प्रताप सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा बाजपुर के प्रधान कुलविंदर सिंह किंदा, कुलदीप सिंह भुल्लर, जितेंद्र सिंह बाजवा, राजू छीना, धर्मवीर खुल्लर, अंग्रेज सिंह, जतिन सिंघल, दर्शन लाल गोयल, सुशील सिंगला, देवेंद्र रावत, प्रभु शरण सिंह, गुरलाल सिंह, जगमोहन सिंह, रमेश सिंह, बलविंदर सिंह, परमजीत सिंह, सतनाम सिंह, हरवीर सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समागम का समापन गुरु ग्रंथ साहिब जी के आशीर्वाद एवं संगत के कल्याण की अरदास के साथ हुआ। इस दौरान बाबा प्रताप सिंह द्वारा संत महापुरुषों एवं गणमान्य व्यक्तियों को सम्मान चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

इस आयोजन में सामाजिक सरोकारों को भी विशेष महत्व दिया गया। नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपहारों के साथ-साथ पांच-पांच पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही संगत के बीच “पौधा प्रसाद” के रूप में हजारों पौधों का वितरण कर हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

धार्मिक आस्था, सामाजिक सहयोग और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आयोजित यह समागम क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।

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