लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जन शिक्षण संस्थान लखनऊ (साक्षरता निकेतन) में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनशक्तियों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यक्तित्व को सशक्त करना रहा। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आई एम रिमार्केबल की वरिष्ठ परामर्श दात्री एवं विभिन्न देशों के प्रतिष्ठानों की सलाहकार सोमिया तेवारी ने ‘स्व-आत्म विकास एवं बिल्ड योर कॉन्फिडेंस’ विषय पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों और रिसोर्स पर्सन को व्यक्तित्व विकास, मानसिक विकास और सर्वांगीण विकास की विभिन्न पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया। आत्मविश्वास और संवाद कौशल को रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया।
द्वितीय सत्र में जन शिक्षण संस्थान द्वारा तैयार एम्प्लॉयबिलिटी स्किल हैंडबुक के उपयोग और पठन-पाठन की विधि पर जानकारी दी गई। विभिन्न कौशल विकास केंद्रों के लाभार्थियों को इसे प्रभावी ढंग से पढ़ाने के तरीके समझाए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन संध्या तिवारी (आईएएस, सेवानिवृत्त) ने किया। इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान के निदेशक सौरभ कुमार खरे ने एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स के 12 मॉड्यूल की जानकारी ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रस्तुत की और बताया कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की और इसे उपयोगी बताया।


















