रायबरेली: मिशन शक्ति अभियान में छात्राओं को सिखाया गया आत्मविश्वास और अधिकारों की पहचान

रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देशन में जनपद रायबरेली में “मिशन शक्ति फेज 5.0” अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

महिला कल्याण विभाग, बाल विकास परियोजना, मिशन शक्ति अधिकारियों और स्वैच्छिक संस्था गांधी सेवा निकेतन (बाल गृह बालिका) के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुए।

छात्राओं को सिखाया गया आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का महत्व

कार्यक्रमों में छात्राओं को बताया गया कि समाज में महिला की भूमिका केवल सीमित दायरे तक नहीं, बल्कि नेतृत्व, शिक्षा, और सामाजिक बदलाव तक फैली है। अधिकारियों ने छात्राओं को अपने अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों और शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल

बालिकाओं को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की भावना से जोड़ते हुए बताया गया कि शिक्षा ही सच्चा सशक्तिकरण है। साथ ही, कन्या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन, बाल सेवा योजना, विकलांग पेंशन, मातृत्व वंदना योजना, और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग किया गया।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर की 1098 (बाल सहायता), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1930 (साइबर हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), और 1090 (वूमन पावर लाइन हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया गया। इस दौरान पंपलेट वितरण कर छात्राओं को इन सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी वीरेन्द्र पाल, जेंडर स्पेशलिस्ट सुषमा कश्यप, श्रद्धा सिंह, और एस.एस. पाण्डेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने छात्राओं से समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

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