शकील अहमद
लखनऊ। सरोजनी नगर के विधायक Dr. Rajeshwar Singh ने उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्यमशीलता को गति देने के उद्देश्य से Indian Institute of Management Lucknow (IIM Lucknow) के निकट एक Multi-Institutional Innovation Hub / Start-up Facilitation Centre स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश के राष्ट्रीय संस्थानों की बौद्धिक शक्ति को उद्यम और निवेश से जोड़ने के लिए एक एकीकृत मंच की आवश्यकता है।
IIM Lucknow में हुआ विचार-विमर्श
हाल ही में IIM Lucknow में आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के दौरान डॉ. सिंह ने संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एम.पी. गुप्ता के साथ स्टार्ट-अप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।
चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि प्रदेश में प्रतिभा और शैक्षणिक क्षमता तो पर्याप्त है, लेकिन प्रारंभिक चरण में स्टार्ट-अप्स को कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
स्टार्ट-अप्स के सामने प्रमुख बाधाएँ
विधायक ने बताया कि नवप्रवर्तकों को शुरुआती दौर में
वित्तीय संसाधनों तक पहुंच (Access to Finance), क्रेडिट सुविधा, नियामकीय अनुमतियां (Regulatory Approvals), वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance), प्रक्रियात्मक स्वीकृतियां व मेंटरशिप और टेक्नोलॉजी वैलिडेशन
जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाए तो स्टार्ट-अप्स को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
एकीकृत मॉडल की परिकल्पना
प्रस्तावित Innovation Hub में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, MSME विभाग, औद्योगिक विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, Startup एवं Innovation प्रकोष्ठ, Invest UP के साथ समन्वय का सुझाव दिया गया है।
इसके अतिरिक्त Start-up India, MUDRA, CGTMSE, SIDBI समर्थित योजनाओं तथा बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों की भागीदारी को भी शामिल करने की परिकल्पना है।
इस मॉडल को “One-Stop Start-up Facilitation Centre” के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जहां नवप्रवर्तकों को वित्त, अनुमतियां और मार्गदर्शन एकीकृत रूप में उपलब्ध हो सके।
वैश्विक उदाहरणों का उल्लेख
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सिंगापुर का Block71, यूके का Cambridge Innovation Center, इजराइल का Technology Incubators Program, दक्षिण कोरिया का Pangyo Techno Valley और अमेरिका का Silicon Valley ecosystem जैसे मॉडल यह साबित करते हैं कि एकीकृत नवाचार केंद्र रोजगार और निवेश सृजन के सशक्त इंजन बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में ऐसा केंद्र स्थापित होता है, तो यह युवाओं को “रोजगार खोजने वाले” से “रोजगार सृजित करने वाले” नवाचार-नेता में बदलने की दिशा में बड़ा कदम होगा।


















