“बच्चों में संस्कार डालना सबसे पहले अभिभावक की जिम्मेदारी”- एसआरएम स्कूल के एनुअल फंक्शन में बोलीं स्वाती सिंह

शकील अहमद

लखनऊ। एसआरएम कान्वेंट स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में रविवार को बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री स्वाती सिंह ने कहा कि बच्चे मिट्टी के घड़े के समान होते हैं, जिन्हें सबसे पहले अभिभावक ढालते हैं और फिर शिक्षक उन्हें तराशते हैं।

स्वाती सिंह ने कहा कि जब कोई यह कहता है कि उसका बच्चा संस्कारवान नहीं है, तो दरअसल यह अभिभावक की ही कमी को दर्शाता है। हर बच्चा संस्कारवान होता है, आवश्यकता है उसे समझने, मार्गदर्शन देने और उसकी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर देने की। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने की अपील की।

विद्यालय के प्रबंधक एवं हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजकुमार राय का आभार व्यक्त करते हुए स्वाती सिंह ने कहा कि एसआरएम स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो वास्तव में सराहनीय है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अमरेश कुमार ने कहा कि गुरु बच्चों को संस्कारों के साथ समाज को समर्पित करते हैं। गुरु के बिना जीवन अधूरा है और यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को भी महत्व दिया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे दिन समां बांधे रखा। विद्यालय की प्रधानाचार्या रेनू सिंह एवं समस्त स्टाफ ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

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