सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ND NEWS पोर्टल
रायबरेली। जनपद भर के मंदिरों में महाशिवरात्रि का पर्व पर रायबरेली में बम भोले के जयकारों के साथ लंबी कतारें मंदिरों में देखने को मिली। जनपद के सभी शिव मंदिर में देर रात से ही भक्तों की लंबी-लंबी लाइन लगाकर भोले बाबा के दर्शन के साथ पूजा अर्चना की साथ ही भक्तों ने भोलेनाथ से मनोकामना पूर्ति के लिए विनती की, भक्तों ने हाथों में जल, दूसरे हांथ में बाबा भोले के प्रिय फल फूल मालाओं को चढ़ाते हुए विधि विधान से पूजा की।
शहर का प्रसिद्ध मंदिर जगमोहनेश्वर में भक्तों की लंबी कतारें
आपको बता कि शहर के जगमोहनेश्वर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए हजारों भक्तों की भीड़ देर रात से ही कतारों में लगकर बाबा भोले नाथ के दर्शन किया, भक्तों का तांता दोपहर बाद और बढ़ा क्योंकि चतुर्दशी पर महाशिवरात्रि का पर्व 5 बजे के मुहूर्त लगा।
भक्तों व पुजारी के अनुसार इस मंदिर की ऐसी मान्यता है जो भक्त सच्ची आस्था के साथ भगवान शिव को गंगाजल, दूध व बेलपत्र अर्पित करता है भगवान भोलेनाथ उनकी सभी मनोकामनाओं को अवश्य पूर्ण करते हैं। भक्तों की आस्था और विश्वास से लोग सैकड़ो किलोमीटर दूर से यहां दर्शन करने के लिए आते हैं जिले अन्य शिव मंदिरों में लालगंज के बालेश्वर धाम, रायबरेली बार्डर स्थित भंवरेश्वर सहित अन्य शिव मंदिर व पहलवान पीर बाबा शिव मंदिर में भी भक्तों का जन सैलाब उमड़ा और भक्तों पुलिस की व्यवस्था के बीच बाबा के दर्शन किया। जगह जगह शिवभक्त का जत्था बाइक व पैदल बाबा के जयकारों के साथ देखें गए। ज्यादातर लोग आसपास के जिले के उन्नाव रायबरेली बार्डर स्थित भवरेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक के लिए एक दिन पहले से ही पूजा अर्चना के लिए लाइनों पर लग कर दर्शन करने पहुंचते है।
मंदिर पुजारी झिलमिल महाराज की माने हर साल की भांति इस वर्ष भी भक्तों की भीड़ मंदिर में देखने को मिली है, दूर-दूर से भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे है। पुलिस की ओर से भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो कि महिला पुरुष पुलिस चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।
महाशिवरात्रि पर शहर के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में हुआ सामूहिक रुद्राभिषेक
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों ने रायबरेली के जहानाबाद चौकी स्थित प्रसिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में एक भव्य और श्रद्धापूर्ण सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में कुल 51 श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी की और सामूहिक रूप से भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल होकर अपनी भक्ति से विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस रुद्राभिषेक विशेष का आयोजन मंदिर के पुजारी एवं संचालक पंडित भीम शंकर द्वारा पूर्ण रूप से संचालित किया गया। पंडित भीम शंकर ने बताया कि महाशिवरात्रि का यह पवित्र अवसर सभी भक्तों पर भोलेनाथ की कृपा बनाए रखने वाला है। उन्होंने कहा, “भगवान शिव की कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुखमय एवं मंगलमय बने, यही हमारी कामना है।”
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि पवित्र सामग्रियों से शिवलिंग का अभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक के पश्चात मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें सभी उपस्थित भक्तों ने सामूहिक रूप से भाग लिया। आरती के समापन के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता पूर्वक ग्रहण किया।
दक्षिणमुखी मंदिर रुद्राभिषेक
खीरों कस्बे के मथुराखेड़ा स्थित तालेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक पूजा अर्चना के साथ भव्य मेला
हर साल के बाद इस वर्ष भी कस्बा के खीरों के मथुराखेड़ा स्थित तालेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक पूजा अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर में सुबह से ही भक्तों ने कतारों में लगकर बाबा भोले नाथ के दर्शन किया और जल दूध धतूरा सहित विभिन्न प्रकार के भोग से शिव को प्रसन्न करने व मनोवांछित फल हेतु पूजा अर्चना की।
ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में भव्य मेले का भी आयोजन होता है जहां आसपास से पहुंचे भक्त पूजा अर्चना के बाद मेंले का लुत्फ उठाते है, मेले में खेल सामग्री, विभिन्न प्रकार के पकवान, सब्जी फल अन्य सामग्री भी आसानी से मिल जाती है। इसके साथ ही कस्बे से 6 किलोमीटर दूर अतरहर स्थित प्रसिद्ध मदिर फटतेश्वर बाबा मंदिर में भी भक्त दूर-दूर से पहुंच कर भोलेनाथ का पूजा अर्चन रुद्राभिषेक करते हैं।
तालेश्वर महादेव
क्या था महाशिरात्रि पर शुभ मुहूर्त
मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि के चारों प्रहर में करने का विधान है। इस वर्ष चतुर्दशी तिथि आज यानी 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे से प्रारंभ हुई, जो अगले दिन 16 फरवरी को शाम 5:33 बजे तक रहेगी। लेकिन शुभ मुहूर्त महाशिवरात्रि में विशेष 15 फरवरी की रात्रि का रहेगा इसलिए भक्तों ने 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि मनाई।