लखनऊ के अमौसी गांव में दो साल से जलभराव की मार, डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, लोगों में नाराजगी

  • दो वर्षों से नहीं हुआ समाधान, बच्चों और राहगीरों का निकलना हुआ मुश्किल
  • पार्षद गीता देवी प्रतिनिधि संजय गुप्ता नहीं उठाते है फोन, पार्षद गीता देवी दो वर्षों से सिर्फ दे रही है आश्वासन पर आश्वासन

शकील अहमद

सरोजनीनगर, लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर प्रथम वार्ड अंतर्गत अमौसी गांव का चाकोलिया टोला इन दिनों भारी जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। लगातार दो वर्षों से क्षेत्र के लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय लोगों में नगर निगम और क्षेत्रीय पार्षद गीता देवी के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार चाकोलिया टोला का मुख्य मार्ग लंबे समय से जलमग्न है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। यही रास्ता तीन अलग-अलग मार्गों को जोड़ता है, इसलिए प्रतिदिन

बड़ी संख्या में लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। जलभराव के कारण सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैली हुई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इसी रास्ते पर एक मस्जिद भी स्थित है, जहां नमाज अदा करने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं।सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कत होती है।

कई बार देर होने पर बच्चों को स्कूल से वापस भी लौटा दिया जाता है। अभिभावकों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। क्षेत्रीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्रीय पार्षद ने इलाके की ओर मुड़कर तक नहीं देखा।

दूसरी समस्या दरोगा खेड़ा स्थित चंद्रशेखर आजाद नगर कॉलोनी में नींबू लाल और अर्पण वर्मा वाली गली की कई वर्षों से अभी तक सड़क नाली का निर्माण नहीं हुआ, और न ही समस्या का कोई समाधान हुआ, सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन मिलता रहा।जनता का कहना है कि पार्षद को न तो क्षेत्र की समस्याओं की चिंता है और न ही स्कूली बच्चों एवं आम नागरिकों की परेशानियों की।

लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं। सिर्फ गिने चुने क्षेत्रों में जाते है। अमौसी गांव के लोगों ने योगी सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान जल्द कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बीमारी, गंदगी और रोजाना की परेशानियों से राहत मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *