Maruti Suzuki India Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए, जो बाजार के अनुमान से कमजोर रहे। कंपनी की आय, EBITDA और शुद्ध मुनाफा-तीनों ही मोर्चों पर स्ट्रीट अनुमान से कम आंकड़े दर्ज किए गए।
नतीजों के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही, जिसका सीधा असर शेयर की कीमत पर पड़ा। परिणाम घोषित होते ही मारुति सुजुकी का शेयर करीब 3.5 प्रतिशत गिरकर 14,715 रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के शेयर ने कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। हालांकि, दीर्घकालिक आधार पर देखें तो पिछले एक वर्ष में शेयर ने करीब 21 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
तिमाही के दौरान मार्जिन पर अतिरिक्त दबाव देखा गया। कंपनी को लेबर कोड से जुड़े प्रावधानों के कारण लगभग 594 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा, जिसका असर परिचालन लाभप्रदता पर पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लागत में वृद्धि और अपेक्षा से कमजोर वित्तीय प्रदर्शन के कारण शेयर पर अल्पकालिक दबाव बना रह सकता है, जबकि निवेशक आगे की तिमाहियों में मार्जिन सुधार और मांग के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं।


















