आर स्टीफ़न (स्टेट हेड)
छत्तीसगढ़, एमसीबी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उपलब्धियों को पहचान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की वैश्विक थीम “Give To Gain” (पाने के लिए देना) निर्धारित की गई है।
इस थीम का मूल संदेश है कि जब समाज महिलाओं को शिक्षा, अवसर, संसाधन और सहयोग प्रदान करता है, तो इसका लाभ पूरे समाज और राष्ट्र को मिलता है। महिलाओं का सशक्तिकरण वास्तव में एक संतुलित और समृद्ध समाज की आधारशिला है।
छत्तीसगढ़ में भी महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाएं आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं की सुरक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला महिला नेतृत्व और उनकी उपलब्धियों के कारण प्रदेश में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में उभर रहा है। जिले के जनकपुर क्षेत्र की दर्शना सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 में सफलता प्राप्त कर आईपीएस पद के लिए चयनित होकर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि ग्रामीण और छोटे शहरों की बेटियां भी अपने संकल्प और मेहनत के बल पर देश की सर्वोच्च सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकती हैं।
एमसीबी जिले में प्रशासनिक स्तर पर भी महिलाओं की मजबूत भागीदारी दिखाई देती है। वर्तमान में 20 से अधिक महिलाएं विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिले की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम सहित कई महिला अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद पंचायत खड़गवां की अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की जानकीबाई खुसरो, नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव तथा नगर पंचायत झगराखांड़ की अध्यक्ष रीमा यादव जैसी महिला जनप्रतिनिधि अपने नेतृत्व और समर्पण से जिले के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
एमसीबी जिले की महिलाएं केवल प्रशासन और राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आर्थिक गतिविधियों जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आजीविका सशक्त कर रही हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम “Give To Gain” यह संदेश देती है कि महिलाओं को अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करना वास्तव में समाज के समग्र विकास में निवेश करने के समान है। एमसीबी जिले की महिलाएं आज इस सोच को साकार करते हुए यह साबित कर रही हैं कि सशक्त महिला ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।


















