आर. स्टीफन (स्टेट हेड)
चिरमिरी (छत्तीसगढ़)। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों के विरोध में देशभर में औद्योगिक हड़ताल जारी है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर कोयला उद्योग में इस हड़ताल का प्रभाव देखने को मिल रहा है।
श्रमिक संगठनों- हिंद मजदूर सभा (HMS), भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), सीटू (CITU) और एटक (AITUC) ने संयुक्त रूप से इस हड़ताल का समर्थन किया है। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि वे केंद्र के चारों श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
चिरमिरी और आसपास के क्षेत्रों में श्रमिक संगठनों ने सभाएं आयोजित कर कामगारों से अपने-अपने कार्यस्थलों पर न जाने की अपील की। संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि हड़ताल को 80 से 90 प्रतिशत तक समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में कोयला कामगार अपने कार्यस्थलों पर नहीं पहुंचे।

संगठनों का कहना है कि हड़ताल के कारण कोयला उद्योग सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं, सरकारी या निजी क्षेत्र की कुछ इकाइयों में सीमित उपस्थिति की भी सूचना है।
हालांकि, प्रशासन या उद्योग प्रबंधन की ओर से हड़ताल के प्रभाव को लेकर आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग है कि चारों श्रम कानूनों पर पुनर्विचार किया जाए और श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए।


















