रायबरेली। शिवगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध पेड़ों की कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। वन विभाग और पुलिस भले ही कटान पर रोक के दावे कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। इलाके में लकड़ी के ठेकेदार बेखौफ होकर बिना अनुमति पेड़ों की कटान करते दिख रहे हैं।
ताजा मामला थाना क्षेत्र के पूरे तिलक राम मजरे देहली गांव का है, जहां एक सूखे आम के पेड़ को काटकर गिरा दिया गया। वहीं शिवगढ़ रजबहा के पास सड़क किनारे गिरे शीशम के पेड़ को भी आरा मशीन से काट डाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां लगातार हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है।

सूत्रों के अनुसार हाल ही में आए आंधी-तूफान के चलते क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ जड़ से उखड़ गए थे। इन गिरे हुए पेड़ों की खरीदारी के लिए लकड़ी ठेकेदार सक्रिय हो गए हैं और पेड़ मालिकों से संपर्क कर रहे हैं। इससे अवैध कटान और लकड़ी कारोबार को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि इस पूरे मामले पर वन विभाग ने संज्ञान लेने की बात कही है। वन रेंजर महाराजगंज नावेद सिद्दीकी के मुताबिक, शिवगढ़ रजबहा के पास गिरा पेड़ विभाग के कब्जे में ले लिया गया है, जबकि पूरे तिलक राम में कटे पेड़ के मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सवाल यही उठ रहा है कि जब अवैध कटान पर रोक के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं।


















