रायबरेली में टीबी उन्मूलन अभियान को बल: बिरला कारपोरेशन व विश्वास संस्थान के सहयोग से 50 रोगियों को मिली पोषण पोटली

रायबरेली। टीबी उन्मूलन अभियान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिरला कारपोरेशन लिमिटेड और विश्वास संस्थान के संयुक्त सहयोग से आज पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता द्वारा उनके कार्यालय में किया गया, जहाँ उन्होंने एक टीबी रोगी को पोषण पोटली प्रदान कर अभियान का संदेश दिया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक सतीश मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।

मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत मिशन 2025 की सफलता पोषण और जनजागरूकता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि “सामाजिक संगठनों का सहयोग इस अभियान को गति और स्थायित्व प्रदान करता है।”

परियोजना निदेशक सतीश मिश्रा ने कहा कि यह सहायता केवल खाद्य सामग्री नहीं, बल्कि टीबी रोगियों के मनोबल और उपचार पालन को मजबूत करने का महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें निष्ठा के साथ टीबी उन्मूलन की दिशा में कार्यरत हैं।

इसके उपरांत अमावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक डॉ. रोहित कटियार, एम्स की चिकित्सक डॉ. हिमांशी शर्मा, डॉ. हिसाम तथा स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में 50 टीबी रोगियों को पोषण पोटलियाँ वितरित की गईं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा कि टीबी उपचार में पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधीक्षक डॉ. रोहित कटियार ने बताया कि “दवाओं के साथ उचित पोषण रोगी की रिकवरी को तेज करता है।”

एम्स की चिकित्सक डॉ. हिमांशी शर्मा ने कहा कि पोषण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिरला कारपोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि विश्वजीत साहू ने संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी टीबी रोगी संसाधन की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे।

विश्वास संस्थान की ओर से विकास बाजपेयी और प्रशांत शुक्ला ने कहा कि संस्था आगे भी टीबी रोगियों के पोषण और देखभाल में सहयोग करती रहेगी। लैब पर्यवेक्षक प्रमिला वर्मा, उत्तम तिवारी, खुर्शीद, दिव्यांशु वर्मा, रामबली, सुमित श्रीवास्तव तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कहा कि सामुदायिक सहयोग से टीबी उन्मूलन अभियान और प्रभावी बनता है।

वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक करुणा शंकर मिश्र ने बताया कि ऐसी पहलें रोगियों के मनोबल व उपचार पालन दोनों में वृद्धि करती हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में योगदान देने वाले सभी विभागीय एवं सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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