शकील अहमद
लखनऊ। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा के EMTs तथा स्थानीय पुलिस के त्वरित समन्वय और सक्रिय हस्तक्षेप ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की जान बचा ली। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और घायल को आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान कर सुरक्षित अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान चौकी इंचार्ज नवनीत शुक्ला और पुलिस टीम ने मार्ग साफ कर एंबुलेंस को तेजी से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटनास्थल पर पहुँची EMT टीम ने बिना देर किए रक्तस्राव रोका, स्प्लिंटिंग की, सी-कॉलर लगाया और घायल को स्थिर करने के बाद अस्पताल ले जाया गया। पुलिस टीम ने भी भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण तथा एंबुलेंस के लिए क्लियर कॉरिडोर उपलब्ध कराया।
ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज द्वारा जारी क्लस्टर बेस्ड ट्रेनिंग में EMTs को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षा मानकों, ट्रामा मैनेजमेंट, CPR, उपकरणों के संचालन और रेस्क्यू तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
ट्रेनर बीरेंद्र कुमार और आलोक चौहान ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन पीरियड के भीतर सही प्राथमिक उपचार मिलने से मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान बीरेंद्र कुमार ने पुलिस और एंबुलेंस सेवा के बीच और अधिक मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में दोनों सेवाओं की संयुक्त कार्रवाई अक्सर जीवनरक्षक साबित होती है।
प्रोग्राम मैनेजर अमित कुमार दुबे, ईएमई रत्नेश शुक्ला और लवकुश गुप्ता ने EMTs और पुलिस दल की सराहना की और रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाने की अपील की। कार्यक्रम में ऑनलाइन साइबर ठगी, ट्रैफिक नियम, रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट हैंडलिंग और मरीज प्रबंधन के विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।













