- पूर्व योजना के तहत सूरज ने संजय को पीछे से पकड़ा, अजीत ने पतली रस्सी से दबाया गला, उतारा मौत के घाट
सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका न्यूज पोर्टल
रायबरेली। कभी कभी परिवारिक विवाद में घर की टेंशन के बीच परिवार में वाहन, लेनदेन, या अन्य मुद्दे जानलेवा साबित होकर मौत की वजह बन जाते है, कुछ ऐसा एक मामला सरेनी थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया जहां भतीजे अजीत की अपनी बहन की शादी करने व अन्य कारणों से काफी कर्जा हो गया था।
उसने एक ब्रेजा कार अपने चाचा संजय के नाम से फाइनेंस कराई, जिसकी किस्तें न जमा होने के चलते चाचा संजय से उसका विवाद रहता था। आखिरकार अजीत ने तमाम झंझटो से छुटकारा पाने के लिए चाचा को ही रास्ते से हटाने के लिए योजना बना डाली।
अजीत ने वाहन बीमा व अन्य धनराशि पाने के लालच में अजीत ने संजय की हत्या की योजना बनाते हुए एक साथी सूरज उर्फ टुन्नू को रुपये देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया और पूरी घटना को अंजाम दे डाला। अब दोनों सलाखों के पीछे है।
पूरी घटना पर एक नजर
जानकारी के अनुसार पूरी घटना 14 जनवरी की है जहां थाना सरेनी पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पासिन का पुरवा मजरे बंडई में खेत में गांव के ही रहने वाले संजय कुमार का शव मिला है। जनपद के उच्चाधिकारीगण द्वारा थाना सरेनी पुलिस व फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही कर पोस्टमॉर्टम हेतु भेजा गया।
मृतक की पुत्री सोनाक्षी उर्फ ईश की लिखित तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 16/2026 धारा 103 (1) बीएनएस बनाम मृतक के भतीजें अजीत उर्फ गद्दर निवासी पासिन का पुरवा पर मुकदमा दर्ज कर टीमों का गठन करते हुए जांच पड़ताल शुरू की गई, तो मामला परत दर परत सामने आने लगा और पुलिस व एसओजी ने इसकी गुत्थी सलझा दी।
मुखबिर की सूचना थाना सरेनी व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा पंजीकृत मु0अ0सं0- 16/2026 धारा- 103 (1)) बीएनएस व बढोत्तरी धारा-238 बीएनएस के वांछित अभियुक्त में अजीत उर्फ गद्दर पुत्र रामकुमार निवासी पासिन का पुरवा मजरे बंडई सरेनी सहित सूरज उर्फ टुन्नू पुत्र रामचन्द्र उर्फ महंगू निवासी पासिन का पुरवा मजरे बंडई सरेनी रायबरेली को थाना क्षेत्र के नहर पुलिया बंडई के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या का कारण! आरोपियों ने कबूला जुर्म, तो सबके होश उड़ गए
पुलिस द्वारा पकड़े गये अभियुक्त अजीत उर्फ गद्दर से कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया गया कि उस पर अपनी बहन की शादी करने व अन्य कारणों से काफी कर्जा हो गया था। उसने एक ब्रेजा कार अपने चाचा संजय के नाम से फाइनेंस कराई थी, जिसकी किस्तें वह जमा नहीं कर पा रहा था, जिस कारण चाचा संजय से उसका विवाद रहता था।
वाहन बीमा व अन्य धनराशि पाने के लालच में अजीत ने संजय की हत्या की योजना बनाई और सूरज उर्फ टुन्नू को रुपये देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। दिनांक 13.01.2026 को रात्रि में दोनों ने संजय को शराब पिलाकर नशे में कर दिया तथा आलू खोदने के बहाने नहर किनारे खेत में ले गए।
वहां पूर्व योजना के तहत सूरज ने संजय को पीछे से पकड़ लिया और अजीत ने पतली रस्सी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने हेतु मृतक के चेहरे व कपड़ों पर मिट्टी लगा दी गई तथा रस्सी पास के खेत में फेंक दी गई।



















