आर. स्टीफन
छत्तीसगढ़, चिरमिरी/एमसीबी। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 34 के सैकड़ों परिवार पिछले 6 महीनों से बिजली के बिना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गरीबी रेखा में रहने वाले इन परिवारों का कहना है कि लगातार शिकायतों और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद उनके घरों में आज तक बिजली बहाल नहीं की गई है।
धरना-प्रदर्शन भी बेअसर, प्रबंधन ने हर बार किया टालमटोल
वार्ड वासियों ने बताया कि वे कई बार कुरसीया कॉलरी खदान के प्रबंधन से मिलने गए और समस्या को गंभीरता से रखने के लिए धरना प्रदर्शन भी किया, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी प्रबंधन ने केवल आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया।
लोगों का आरोप है कि प्रबंधन और विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब देकर समस्या को टालते आ रहे हैं।
पार्षद–विधायक–मंत्री तक पहुंची फरियाद, फिर भी अंधेरा
वार्ड के लोगों ने बिजली समस्या को लेकर पार्षद, विधायक, मंत्री तथा कोयला खदान अधिकारियों को कई बार पत्र देकर निवेदन किया, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई।
वार्ड वासियों का कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही की वजह से उन्हें मानो अंधकार में जीने के लिए छोड़ दिया गया है।
अंधेरे में बच्चे–बुजुर्ग परेशान, महिलाओं की दुश्वारी बढ़ी
वार्ड की महिलाओं ने मीडिया से अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि “छोटे-छोटे बच्चे हैं, अंधेरे में पढ़ाई नहीं हो पा रही है। रात होते ही जानवर घरों के आसपास घूमते हैं, जिससे डर लगा रहता है। बूढ़े मां-बाप ठंड में बेहाल हैं। दवाई देने में भी बहुत दिक्कत होती है, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली न होने से बच्चे पढ़ाई से वंचित, बीमार बुजुर्ग परेशान, महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित और पूरे वार्ड में अंधकार का माहौल है।
आक्रोशित वार्ड वासियों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान न मिलने पर वार्ड वासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने कहा कि “अगर हालात ऐसे ही रहे और बिजली बहाल नहीं हुई, तो हम आने वाले चुनाव में वोट नहीं डालेंगे और चुनाव का बहिष्कार करेंगे।”
वार्ड के लोगों ने निष्पक्ष दर्पण के माध्यम से जिला प्रशासन, ऊर्जा विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।


















