बहराइच में किसान दिवस बैठक: शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश, फार्मर रजिस्ट्री पर जोर

रवि सोनी

बहराइच। कृषकों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सीडीओ ने पूर्व किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की और कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि को लाभकारी बनाने के लिए भी सुझाव दिए।

सीडीओ ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अवश्य बनवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसान गेहूं क्रय केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे और न ही अन्य योजनाओं का लाभ ले पाएंगे।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के किसानों को भी जागरूक करें और जनसेवा केंद्र, लेखपाल या कृषि विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर शीघ्र फार्मर रजिस्ट्री बनवाएं। उन्होंने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ भी बिना रजिस्ट्री के नहीं मिल सकेगा।

बैठक में उप निदेशक कृषि विनय कुमार वर्मा ने भी किसानों से जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में गेहूं की कटाई युद्ध स्तर पर चल रही है और किसानों को फसल अवशेष जलाने से बचना चाहिए। इसके बजाय स्ट्रा रीपर का उपयोग कर भूसा तैयार करें, जिससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बनी रहे।

जिला कृषि अधिकारी सूबेदार यादव ने खाद एवं बीज की उपलब्धता की जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही राजकीय कृषि बीज भंडारों पर दैचा बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 134 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं और केवल वही किसान जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी होगी, उनका ही गेहूं खरीदा जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच के वैज्ञानिक डॉ. नंदन सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण के लिए नमूना लेने की विधि और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी। वहीं विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा प्रमुख शशि भूषण लाल त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती अपनाकर भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की अपील की।

बैठक में प्रगतिशील किसान लालता प्रसाद गुप्ता और बब्बन सिंह सहित अन्य किसानों ने भी अपने सुझाव और समस्याएं रखीं। लालता प्रसाद गुप्ता ने राजकीय नलकूप संख्या 23ई के पिछले तीन वर्षों से संचालित न होने पर नाराजगी जताई, जिस पर अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिशिर कुमार वर्मा, जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, एलडीएम जितेंद्र कुमार मसंद, एआर को-ऑपरेटिव संजीव कुमार तिवारी, सीवीओ डॉ. राजेश उपाध्याय, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. शौरभ वर्मा, सहायक निदेशक मत्स्य बाबूराम, अधिशासी अभियंता विद्युत कैसरगंज जगदीश कुमार, सहायक अभियंता नहर प्रथम राजेश कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता नहर प्रवेश कुमार, अधिशासी अभियंता नलकूप ललित कुमार, सरयू नहर खंड-5 के मुकेश कुमार राय सहित कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

किसान दिवस बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है।

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