सलमान खान
बाजपुर, ऊधम सिंह नगर। बुक्सा जनजाति भूमि प्रकरण को लेकर प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। एडीएम कौस्तुभ मिश्रा की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच समिति ने बाजपुर एसडीएम कार्यालय में सभी पक्षकारों के बयान दर्ज किए और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष से नन्नी देवी पत्नी स्व. तुला सिंह, संजू कुमार और मुगल सिंह, निवासी ग्राम सेमलपुरी बाजपुर ने अपना पक्ष रखा। वहीं, दूसरे पक्ष से गदरपुर विधायक अरविंद पाण्डेय के पुत्र अतुल पाण्डेय और मौके के कब्जेदार मक्खन सिंह भी समिति के समक्ष उपस्थित हुए और अपने-अपने तर्क पेश किए।
मीडिया से बातचीत में एडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने स्पष्ट किया कि समिति सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंपेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक मीडिया के समक्ष कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
प्रकरण की पृष्ठभूमि में ग्राम सेमलपुरी निवासी नन्नी देवी और अन्य ने आरोप लगाया है कि गदरपुर विधायक के पुत्र अतुल पाण्डेय द्वारा कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर राजस्व वाद संख्या 22/03 (वर्ष 2010-11) धारा 229-बी जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम के तहत खसरा संख्या 25/1 (रकबा 1.154) और खसरा संख्या 26 (रकबा 1.1120) सहित कुल 1.274 हेक्टेयर भूमि अपने नाम दर्ज कराई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने एडीएम की अध्यक्षता में एसडीएम, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शामिल करते हुए संयुक्त जांच समिति का गठन किया है। समिति द्वारा पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और वास्तविक स्थिति सामने आ सके।


















