रायबरेली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित कृषकों को देय क्षतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन आज महात्मा गांधी सभागार, विकास भवन में किया गया। कार्यक्रम में अदिति सिंह की उपस्थिति में लाभान्वित किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान की गई।

इस अवसर पर लाभान्वित कृषकों में से 12 किसानों को प्रतीकात्मक रूप से डमी चेक वितरित किए गए। वहीं वास्तविक भुगतान पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा गया।

जानकारी के अनुसार, रबी वर्ष 2025-26 के तहत 434 किसानों को कुल 27,68,324 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई है। इसके अतिरिक्त खरीफ 2025 की अवशेष क्षतिपूर्ति राशि 10,26,553 रुपये भी सभी लाभार्थी किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक रायबरेली ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों की क्षति की स्थिति में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा प्रीमियम दरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने किसानों को कृषि विविधीकरण और मत्स्य पालन अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए आय बढ़ाने पर जोर दिया।
इस दौरान अदिति सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि इस बार रिकॉर्ड समय में किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन फसल बीमा से जुड़कर किसान विपरीत परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। उन्होंने जनपद के अधिक से अधिक किसानों से इस योजना से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, सहायक निदेशक मत्स्य मोहम्मद इरफान, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय, उपयुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक विमल कुमार दुबे समेत बीमा कंपनी के कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


















