बहराइच: प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने परसेण्डी गोआश्रय स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष

  • 457 गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक खाद उत्पादन पर दिया जोर

रवि सोनी

बहराइच। जनपद स्थापित गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों हेतु की गई व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उद्देश्य से शनिवार शाम मा. राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग/प्रभारी मंत्री जनपद बहराइच दिनेश प्रताप सिंह द्वारा विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्वत व मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता के साथ तहसील व ब्लाक कैसरगंज में स्थित अस्थाई गोआश्रय स्थल परसेण्डी का भ्रमण किया गया।

गो आश्रय स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम प्रभारी मंत्री श्री सिंह द्वारा गोआश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुए गोपूजन कर गोवंशों को गुड़ व फल खिलाकर गौमाता व नंदी का सम्मान किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान समय में शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 97 अस्थाई गोआश्रय स्थल, नगरीय क्षेत्र में 02 कान्हा गोशाला एवं 08 कांजी हाउस के साथ-साथ 10 वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों में गोसंरक्षण का कार्य किया जा रहा है।

जिसमें जनवरी 2019 से अब तक 33 हज़ार से अधिक गोवंशों को संरक्षण प्रदान करते हुए उनमें लगभग 2700 इच्छुक पशुपालकों एवं कृषकों को 7000 से अधिक गोवंशों को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना अन्तर्गत सुपुर्दगी में दिया गया है।
सीवीओ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि माह अप्रैल 2026 तक गो आश्रय स्थलों एवं सुपर्दगी में दिये गये गोवंशों के भरण पोषण की धनराशि सम्बन्धित के बैंक खातों में अन्तरित करा दी गई है।

माह मई 2026 के भुागतान की औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि गैर सरकारी संस्थाओं को गोआश्रय स्थलों के गुणवत्तापूर्ण बेहतर संचालन के लिए जनपद में कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 03 एनजीओ द्वारा आवेदन किया गया है। सभी गोआश्रय स्थलों में भूसा/हरे चारे/चोकर/पशु आहार व गुड़ नमक की उपलब्धता है।

सीवीओ ने बताया कि वर्तमान समय में अस्थाई गोआश्रय स्थल परसेण्डी में 457 गोवंश संरक्षित हैं। गोआश्रय स्थल में लगभग 4000 कुण्टल से अधिक भूसे का भण्डारण किया गया है। 50 कि.ग्रा. की 28 बोरी चोकर एवं 25 कि.ग्रा. की 21 बोरी पशु आहार के साथ पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, गुड़ व नमक उपलब्ध है। गोआश्रय स्थल में स्थापित सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील है। पशुओं के लिए पर्याप्त पशु शेड के साथ साथ चरनी व प्याऊ का भी प्रबन्ध है।

गोआश्रय स्थल का भ्रमण करते हुए साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। प्रभारी मंत्री ने गोआश्रय स्थल में कराये गये वृक्षारोपण कार्य की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि इसी तरह से सभी गोआश्रय स्थलों वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाय तथा रोपे गये वृक्षों की ग्रोथ के लिए जिला उद्यान अधिकारी से तकनीकी सहयोग प्राप्त किया जाय।

गो आश्रय स्थल परिसर में पटंजा बिछाकर सुरक्षित तरीके से किये जा रहे गोबर संचय कार्य की सराहना करते हुए प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि उत्पादित गोबर से जैविक खाद तैयार की जाय जिससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल सके। इस सम्बन्ध में बीडीओ द्वारा बताया गया कि गोआश्रय परिसर में वर्मी कम्पोस्ट पिट बनायी गई है।

प्रभारी मंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि डीएम व सीडीओ द्वारा गोआश्रय स्थल में इस प्रकार का नवाचार किया जा रहा है जिससे वन एवं उद्यान विभाग को वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री करके गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाया जा सके। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि वर्ष पर्यन्त हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। आवश्यकता होने पर स्थानीय किसानों से अनुबन्ध भी किया जाय।

इस बारे में सीवीओ द्वारा बताया गया कि इस गोआश्रय हेतु 01 किसान से एम.ओ.यू. कराया गया है। निरीक्षण के अन्त में मा. प्रभारी मंत्री द्वारा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गोसंरक्षण के लिए अधिक संवेदनशील एवं सजग को होकर अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते रहने के निर्देश दिये गये।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी कैसरगंज अखिलेश सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गोआश्रय स्थल संचालक एवं ग्राम पंचायत सचिव के साथ पशु मैत्री सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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