बृजमनगंज, महराजगंज। पंडित जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज बरगाहपुर की 152 छात्राओं ने रविवार को लखनऊ की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को करीब से देखा-समझा। विद्यालय द्वारा आयोजित इस शैक्षिक भ्रमण ने छात्राओं को शहर की उन धरोहरों से परिचित कराया, जो अपनी विशिष्ट इंजीनियरिंग, कला और इतिहास के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

भ्रमण की शुरुआत बड़ा इमामबाड़ा से हुई, जहां बिना स्तंभों के खड़ी विशाल गुंबदनुमा संरचना और नवाबी दौर की इंजीनियरिंग ने छात्राओं को चकित कर दिया। गाइड ने इमामबाड़े के निर्माण, उसके महत्व और नवाबों के दौर से जुड़े अनेक रोचक इतिहास बताए।
इसके बाद छात्राएं पहुँचीं भूल-भुलैया, जहाँ रोमांच, जिज्ञासा और आश्चर्य का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। संकरी गलियों, आपस में जुड़े अनेक मार्गों और रहस्यमयी संरचना ने छात्राओं को वास्तविक वास्तुकला की जटिलता से परिचित कराया।
भ्रमण का अंतिम चरण था डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल, जिसकी विशालता, उकेरी गई पत्थर की कलाकृतियों और शांत वातावरण ने छात्राओं पर गहरा प्रभाव छोड़ा। स्मारक के भव्य स्तंभ और आधुनिक डिजाइन का समन्वय इस यात्रा का मुख्य आकर्षण बना।
पूरा भ्रमण विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कैलाश यादव, रामलालित मौर्य, नियंत्रक राकेश यादव, प्रमोद गौंड, गणेश यादव, शैलेश यादव, अभिषेक, विशाल, महंत यादव, रमेश, तथा शिक्षिका दिव्या चौरसिया के नेतृत्व में संपन्न हुआ। शिक्षकों ने छात्राओं को इतिहास, संस्कृति, स्थापत्य कला और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण छात्रों में इतिहास, धरोहरों और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और उन्हें अनुभवात्मक सीख प्रदान करते हैं।


















