इंडिगो संकट: सरकार ने कहा-विमानन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना ही समाधान

इंडिगो में उथल-पुथल: केंद्र ने राहुल गांधी की 'एकाधिकार मॉडल' टिप्पणी की आलोचना की; दावा है कि सरकार प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैइंडिगो संकट छठे दिन में प्रवेश कर गया, यात्री प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं (एएनआई)

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो के संचालन संकट पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि विमानन क्षेत्र में सरकार लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इंडिगो का मौजूदा संकट राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा गंभीर मामला है।

नायडू ने बताया कि एयरलाइनों की बेड़े विस्तार क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने हाल ही में एयरक्राफ्ट लीजिंग लागत कम करने वाला कानून पारित किया है, जिससे नए विमान लाना आसान होगा।

मंत्री ने कहा कि “सरकार हमेशा चाहती है कि ज्यादा एयरलाइंस आएं, ज्यादा विमान उड़ें और प्रतिस्पर्धा बढ़े। हमने लीज लागत कम करने के लिए कानून पास किया है, ताकि एयरलाइंस अपना बेड़ा बढ़ा सकें।”

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि इंडिगो संकट सरकार के “एकाधिकार मॉडल” का परिणाम है और इससे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है।

इस पर नायडू ने कहा कि “इसे राजनीतिक मुद्दा न समझा जाए। यह सीधे जनता और यात्रा सुरक्षा से जुड़ा मामला है।”

इंडिगो संकट का असर जारी

इंडिगो द्वारा पायलट की कमी और संचालन अव्यवस्था के चलते लगातार छह दिनों से उड़ानों का बड़े पैमाने पर रद्दीकरण एवं देरी जारी है।
इसके कारण:

400 से अधिक उड़ानें रद्द

हजारों यात्री प्रभावित

कई लोग महत्वपूर्ण कार्यक्रमों तक नहीं पहुंच पाए

सरकार ने किराया नियंत्रण सहित कई त्वरित उपाय लागू किए हैं ताकि यात्रियों पर भार कम पड़े।

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